Rajasthan Rain hailstorm : जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम ने करवट ली। सोमवार रात से मंगलवार शाम तक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तूफानी हवा से कई घरों को नुकसान पहुंचा तो कई बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए।
Rajasthan Rain hailstorm : जोधपुर। जोधपुर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम ने करवट ली। सोमवार रात से मंगलवार शाम तक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तूफानी हवा से कई घरों को नुकसान पहुंचा तो कई बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जोधपुर जिले के बालेसर, चामू, शेखाला, भोपालगढ, ओसियां, तिंवरी, मणाई, माणकलाव, नारवा, इन्द्रोका, बावडी आदि आसपास के क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है। कई जगहों पर तेज हवाओं, बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ा है।
भोपालगढ़ कस्बे सहित क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार रात से मंगलवार शाम तक रह-रहकर कई बार बारिश हुई। इस दौरान शाम करीब 4.30 बजे बाद हुई बारिश के समय भोपालगढ़ कस्बे समेत क्षेत्र के अरटिया, झालामलिया, देवातड़ा, नांदिया प्रभावती व आसपास के कई गांवों में जमकर ओलावृष्टि हुई। जिसमें चले के आकार से लेकर कई जगह तो 100 से 150 ग्राम तक के बर्फ के टुकड़े जैसे ओले भी गिरे।
तिंवरी क्षेत्र में मंगलवार को अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज अंधड़ ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। जसनाथ बाड़ी, पांचला, भूकरो की ढाणी, संतोड़ा खुर्द और मालूंगा गांवों में तेज हवा के कारण खेतों की तारबंदी क्षतिग्रस्त हो गई। अंधड़ का सबसे अधिक असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा। विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता महिपाल चौधरी के अनुसार करीब 50 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
बालेसर तहसील क्षेत्र के उटांबर रावतसर और रामनगर गांव में मंगलवार सुबह आए चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवा और बारिश के साथ आए इस तूफान से करीब 60 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा, वहीं पेड़-पौधे उखड़ गए और जनजीवन प्रभावित हो गया। पूर्व पंचायत समिति सदस्य ओमदान चारण और शकूर खान ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे आए तूफान से झोपड़े, छप्पर और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि टिन शेड उखड़कर दूर जा गिरे। निर्माणाधीन मकानों की दीवारें भी गिर गईं। तूफान के कारण पशु बाड़े और कच्ची झोपड़ियां बिखर गईं, वहीं खड़ी गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि, बदलते मौसम के कारण इस तरह की बेमौसम बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कृषि क्षेत्र पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। कृषि अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। वहीं, किसानों ने सरकार से तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।