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Jodhpur: आसाराम आश्रम में महिलाओं से छेड़छाड़, कोर्ट ने पुलिस की एफआर खारिज कर 4 आरोपियों को किया तलब

Asaram Ashram case: जोधपुर के आसाराम आश्रम में महिला साधकों से कथित छेड़छाड़ मामले में अदालत ने पुलिस की क्लीन चिट खारिज कर दी। कोर्ट ने आश्रम प्रबंधन से जुड़े चार आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी करते हुए उन्हें तलब किया है।

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Asaram Ashram case

प्रतीकात्मक तस्वीर

जोधपुर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या, 8 जोधपुर महानगर ज्योत्सना मीना ने पाल रोड स्थित आसाराम आश्रम में महिला साधकों के साथ हुई कथित छेड़छाड़ और लज्जाभंग के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने इस प्रकरण में पुलिस की ओर से पेश की गई अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को पूरी तरह खारिज करते हुए आश्रम प्रबंधन से जुड़े चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी किए हैं। पुलिस ने अपनी जांच में इस मामले को झूठा बताते हुए आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी, जिसे कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया।

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यह था मामला

यह घटना 21 जुलाई 2024 को गुरु पूर्णिमा के दिन हुई थी। परिवादिया प्रमिला चौहान अन्य महिला साधकों के साथ आश्रम प्रबंधन से आसाराम के स्वास्थ्य, इलाज और कानूनी मामलों को लेकर सवाल पूछने गई थीं। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर महिलाएं आश्रम प्रबंधन की देखरेख करने वाले पंकज मीरचन्दानी उर्फ अर्जुन से मिलने ऊपर बने दफ्तर में चली गईं। महिलाओं का आरोप है कि वहां मौजूद पंकज मीरचन्दानी, चेतन, सचित भोला और जीवण ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, कपड़े खींचे और निजी अंगों को छूकर अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।

पुलिस ने दी थी क्लीन चिट

परिवादी अधिवक्ता जेठाराम सेन ने बताया कि मामले की जांच बोरानाडा थाना पुलिस ने की थी और 3 फरवरी 2025 को कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट पेश कर मामले को झूठा करार दिया था। पुलिस का दावा था कि आश्रम में सिर्फ हंगामा हुआ था, कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। पुलिस की इस रिपोर्ट के खिलाफ परिवादिया ने कोर्ट में विरोध याचिका दायर की। कोर्ट ने पीड़ित महिलाओं के बयानों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद माना कि सभी गवाहों के बयान एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं और प्रथम दृष्टया आरोपियों ने महिलाओं की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से ही अभद्र हरकतें की थीं।

न्यायालय ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 79 के तहत संज्ञान लेते हुए उन्हें सम्मन के जरिए तलब किया है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाते हुए 7 जुलाई तक या उसकी अपील पर फैसला आने तक, जो भी पहले हो, जारी रखने के आदेश दिए हैं।