
अस्पताल में भर्ती मरीज। फोटो- पत्रिका
कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जिले के सुल्तानपुर कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आइवी फ्लूड्स चढ़ाते ही मरीजों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आ गया। अचानक मरीजों की हालत बिगड़ने पर चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही संबंधित दवाओं के तीन बैचों पर राजस्थान भर में रोक लगा दी गई।
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अब औषधि नियंत्रण संगठन की टीम सैंपल लेगी। रिपोर्ट सही आने के बाद ही इन दवाओं का उपयोग किया जाएगा। फिलहाल इन दवाओं के स्टॉक को हटाकर अलग कक्ष में रखवाया गया है। अन्य बैच की दवाएं मंगवाई गई हैं। जांच के लिए प्रत्येक दवा की 10-10 बोतलों के सैंपल जयपुर भेजे जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रसूताओं के मामले में औषधि नियंत्रण संगठन ने करीब 40 दवाओं पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी थी, जिनकी जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात डिहाइड्रेशन के तीन मरीजों को आइवी फ्लूड्स ड्रिप चढ़ाने के बाद शरीर कांपने लगा और तबीयत बिगड़ने जैसी शिकायतें सामने आईं। इनमें एक मरीज की हालत अधिक खराब होने पर उसे कोटा रेफर करना पड़ा, जहां निजी अस्पताल में उसका उपचार जारी है।
नोताडा निवासी अख्तर हुसैन अपनी बहन शबाना को सिरदर्द और उल्टी की शिकायत पर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। वहां आरएल ड्रिप चढ़ाने के कुछ देर बाद उसे तेज सर्दी लगने लगी और हाथ-पांव कांपने लगे। बाद में दूसरी दवा देने पर राहत मिली। इसी तरह मोरपा के चम्पाखेड़ा निवासी चिंटू को गर्मी और बुखार की शिकायत पर अस्पताल में आरएल ड्रिप लगाई गई। ड्रिप चढ़ाने के बाद उसका शरीर कांपने लगा और तबीयत बिगड़ गई। ड्रिप हटाने के बाद स्थिति में सुधार हुआ। डोबरली निवासी दिनेश गुर्जर को दस्त और उल्टी की शिकायत पर आरएल और एनएस फ्लूड लगाए गए। इसके बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे कोटा रेफर किया गया।
घटना के बाद तुरंत ड्यूटी चिकित्सक डॉ. कमल मालव और सीएचसी प्रभारी डॉ. श्याम मालव ने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर संबंधित फ्लूड्स के उपयोग पर रोक लगा दी। बाद में पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी गई। जानकारी के अनुसार संबंधित बैच नंबर की दवाओं पर रविवार को पूरे प्रदेश में एहतियातन रोक लगा दी गई। जिला औषधि भंडार को पत्र भेजकर बताया गया कि इन दवाओं से मरीजों में विपरीत प्रभाव देखने को मिला है।
कुछ मरीजों में ड्रिप लगाने के बाद कंपकंपी और तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आई थी। हमने तत्काल तीनों बैच अलग कर उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए। फिलहाल दूसरे बैच की दवाएं मंगवा ली हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवाओं का उपयोग किया जाएगा।
सुल्तानपुर सीएचसी से तीन फ्लूड्स दवाओं के विपरीत प्रभाव की सूचना मिली थी। औषधि नियंत्रण संगठन को सैंपल जांच के लिए कहा गया। यह दवा आरएमसीएल से आई है। जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित बैच की दवाओं के उपयोग पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी गई है।
Updated on:
24 May 2026 09:49 pm
Published on:
24 May 2026 09:49 pm
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