
निर्भीकता के साथ नई तकनीक पर ध्यान दें पत्रकार
नारद जयंती पर आयोजित सम्मान समारोह में बोले जस्टिस बिश्नोई
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश विजय विश्नोई ने कहा है कि वर्तमान में इंटरनेट जैसे त्वरित समाचार माध्यमों, समाचारों के अथाह संसार व परस्पर विरोधी खबरों में से विश्वसनीय समाचार का चयन करना बड़ी चुनौती बन गया है।
न्यायाधीश बिश्नोई नारद जयंती पर रविवार को विश्व संवाद केंद्र की ओर से जयनारायण व्यास विवि के बृहस्पति सभागार में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारिता के पेशे को समाज का मार्गदर्शक और आंख-कान बताते हुए कहा कि पत्रकारों को दूरदर्शी, निर्भीक, तटस्थ और पूर्वाग्रह मुक्त होते हुए नई तकनीक के प्रति सहज होना चाहिए। पत्रकारों को समाचार के चयन में भी सजगता बरतनी आवश्यक है, जैसे कई बार दुर्दांत अपराधियों का महिमामंडन युवाओं को परोक्ष रूप से अपराध की ओर आकर्षित कर सकता है।
दुष्टों का दमन
मुख्य वक्ता महाराणा प्रताप केंद्र के निर्देशक अनुराग सक्सेना ने कहा कि हिंदी का प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड 1826 को नारद जयंती पर ही सर्वप्रथम प्रकाशित किया गया। पौराणिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को तीन लोकों का सन्देशवाहक व सुषुप्त सकारात्मक शक्ति को जागृत व दुष्टों का दमन करने वाला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व संवाद केंद्र के उपाध्यक्ष रिछपाल सिंह ने की।
नारद विभूषण सम्मान : कमल श्रीमाली।
नारद भूषण सम्मान : हनुमान गालवा , मदन सैन , मुकेश श्रीमाली, जगदीश जोशी, यशपाल सिंह, डॉ रंजन दवे, राजीव गौड़, ललित सिंह, अरुण माथुर, मुकेश सिहमार तथा शरद शर्मा।