
जोधपुर. घोड़ों का चौक क्षेत्र में जिस गड्ढे में बच्ची के गिरने की घटना हुई उसे नगर निगम ने भर दिया। अपनी लापरवाही पर यह पर्दा तो जनता अपनी आंखों से देख रही है, लेकिन शहर की प्रमुख सडक़ों के बीच ऐसे कई गड्ढे हैं जो किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं। यदि हमने अपना संतुलन खोया तो सडक़ के बीच ये गड्ढे और खुले पड़े मेनहोल बड़ी आफत खड़ी कर सकते हैं। बच्ची वैष्णवी के गड्ढे में गिरने और पलक झपकते ही ज्योतिराव द्वारा उसको बचाने का मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
मोहल्ला सेवा समिति बाईजी का तालाब सोजतिया बास की ओर से बच्ची की जान बचाने वाले ज्योतिराव का सम्मान किया गया। अध्यक्ष श्याम बोराणा व सचिव राजेश बोराणा ने बताया कि निगम की लापरवाही पिछले कई समय से हम बता रहे थे, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। ज्वैलर्स एसोसिएशन के सुमित अग्रवाल, बंगाली समाज, बूलियन एसोसिएशन, मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के मोहन डावर, मनोज कड़ेल सहित अन्य ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
बच्ची गिरने के मामले में नगर निगम की लापरवाही इसमें साफ झलक रही है। इस घटना के बाद सोमवार को महापौर घनश्याम ओझा ने निगम आयुक्त को यूओ नोट जारी कर लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदक, वार्ड प्रभारी व संबंधित कनिष्ठ अभियंता को लापरवाही के लिए सीधे जिम्मेदार माना। उन्होंने कहा कि संवेदक द्वारा ऐसे स्थान पर बेरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे। इसके बाद निगम आयुक्त ने संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को 17 सीसीए का नोटिस जारी किया है। साथ ही ठेकेदार पर आर्थिक जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।