जोधपुर

पांच माह से मौत से लड़ रहा होमगार्ड, आर्थिक स्थिति कमजोर, जान बचाने के लिए चाहिए पांच लाख रूपए

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Aug 05, 2018
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जोधपुर.
सालों तक दूसरों की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक करने वाला होमगार्ड भागीरथ आज खुद मौत के दरवाजे खड़ा है। दोनों किडनी फेल होने के कारण भागीरथ की सांसें अटकी हुई हैं। एक किडनी प्रत्यारोपण के लिए भी कम से कम पांच लाख की राशि की दरकार है, लेकिन भागीरथ का परिवार गरीब है, उसके पास इलाज के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में इस परिवार को लोगों की मदद की दरकार बनी हुई है।

नियमित रूप से डायलिसिस
भगत की कोठी क्षेत्र निवासी होमगार्ड भागीरथ राणा (28) मथुरादास माथुर अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती है। इसकी दोनों किडनी फेल हो चुकीं है। पांच माह से इलाज चल रहा है। अस्पताल में नियमित रूप से डायलिसिस किया जा रहा है। चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपण के लिए भागीरथ को अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल ले जाने के लिए कह दिया है।

एक किडनी का प्रत्यारोपण हो जाए तो बच सकता है
भागीरथ के परिवार की आर्थिक दशा को देखते हुए शहर के कुछ होमगार्ड ने 37 हजार रुपए की मदद की, लेकिन यह राशि नाकाफी है। सामाजिक कार्यकर्ता विद्या भाटी ने बताया कि भागीरथ की जान बचाने के लिए बड़ी राशि चाहिए। इसलिए यदि दोनोंं किडनी में से एक किडनी का प्रत्यारोपण हो जाए तो भी भागीरथ बच सकती है।

मां व बहन किडनी देने को तैयार
एक किडनी प्रत्यारोपण के लिए भी कम से कम 5 लाख की राशि की जरूरत है। शहर के दानदाताओं व मददगारों को आगे आना चाहिए, ताकि भागीरथ को जीवनदान मिल सके। भागीरथ राणा की दोनों किडनी फेल होने का पता चलने पर उसकी मां व छोटी बहन किडनी देने को तैयार है, लेकिन प्रत्यारोपण के लिए बड़ी राशि नहीं हैं।

Published on:
05 Aug 2018 03:47 am