
फलोदी (जोधपुर). मंगोलिया, चीन, कजाकिस्तान से प्रतिवर्ष शीतकालीन प्रवास पर आने वाले मेहमान पक्षी कुरजां के खीचन में दस्तक देने के बाद अब धीरे धीरे उनकी संख्या में इजाफा होने लगा है।
वर्तमान में यहां दस हजार से भी ज्यादा प्रवासी पक्षी शीतकालीन प्रवास के लिए पहुंच चुके हैं। तापमान में गिरावट के साथ ही यहां मेहमान पक्षियों की संख्या में और वृद्धि होगी। गौरतलब है कि कुरजां प्रतिवर्ष सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में खीचन पहुंच जाती है तथा मार्च में वतन वापसी की उड़ान भरती है।
इस दौरान छह माह के शीतकालीन प्रवास में ये पक्षी यहां हजारों की तादाद में एकत्रित होकर खीचन को पर्यटक स्थल का रूप दे देते हैं। खीचन में करीब 6 माह की लंबी अवधि तक कुरजां का पड़ाव न केवल पर्यटन, बल्कि पक्षी शोध के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है।
सबसे पहले उतरा लीडर
उल्लेखनीय है प्रवासी पक्षी कुरजां 11 सितम्बर को खीचन के पड़ाव स्थल पर उतर गया। प्रवासी पक्षी कुरजां का लीडर अपने परम्परागत पड़ाव स्थल पर विजयसागर पर अठखेलियां करता दिखा था।