जोधपुर

दिवाली का उजाला सात समंदर पार भी दिख रहा

जोधपुर.रोशनी का त्योहार दिवाली ( Diwali ) सात समंदर पार के देशों में भी उमंग और उल्लास से मनाया जाएगा। इस मौके पर विदेशों में रह रहे एनआरआइज ( latest nri news in hindi ) इंडियन कम्युनिटी ( Indian Community ) के साथ मिल कर अलग अलग जगह पर दिवाली मनाएंगे। ध्यान रहे कि अमरीका ( America ) में 50 लाख, यूएइ ( UAE ) में 15 लाख और दुबई ( Dubai ) में 10 लाख एनआरआइ हैं।  
4 min read
Oct 26, 2019
Light of Diwali is also seen across the seven seas
Light of Diwali is also seen across the seven seas

एम आई जाहिर/ जोधपुर. रंगबिरंगी रोशनी का त्योहार, खुशियों की उमंग, अपनों की बात और अपने देस की याद। एक तरफ देश में इन दिनों हर तरफ दिवाली ( Diwali ) के त्योहार की रौनक नजर आ रही है, मगर कुछ लोग अपने वतन से दूर रहते हुए विदेश में ही लघु भारत को साकार कर रहे हैं। सात समंदर पार रह रहे हमारे एेसे ही एनआरआई-

( latest nri news in hindi ) प्रवासी राजस्थानी परिवारों ने अपने रहने वाले देशों के शहरों में अपने अंदाज में दीपावली मनाने की तैयारियां की हैं। इसलिए सात समंदर पार भी दीपावली ( Diwali ) का शानदार उजाला नजर आ रहा है। ध्यान रहे कि अमरीका ( America ) में 50 लाख, यूएइ ( UAE ) में 15 लाख और दुबई ( Dubai ) में 10 लाख एनआरआइ ( Indian Community ) हैं। पेश है प्रकाश पर्व दीपावली पर एेसे कुछ प्रवासी राजस्थानियों से बातचीत:

इंडियन कम्युनिटी बहुत खुश
बचपन में जोधपुर में बड़ी धूमधाम से दिवाली मनाते थे। सन 1998 में यूएई पहुंचने के बाद कारोबार मेें ज्यादा व्यस्त हो गए। बरदुबई एक ऐसी जगह है, जहां यह सारे इंडियन कम्युनिटी के लोग रहते हैं। हम एनआरआई हर्षोल्लास से दिवाली मनाते हैं। इन दिनों यहां सारी बिल्डिंग्स में रंगबिरंगी लाइट्स लगी हुई हैं। जगह-जगह रंगोली व दीपमालाएं सजी हुई हैं। हर तरफ दिवाली की धूम है। इस बार खुशी दुगुनी है कि ऑफिशियली दिवाली फैस्टिव मनाया जाएगा । पर्यटन विभाग ने भी पर्यटकों के लिए खास तैयारियां की हैं। राजस्थान और खासकर जोधपुर की दिवाली अलग ही होती है। साल में एक दो बार जोधपुर भी आना होता है और अपने देश, अपने प्रदेश और अपने शहर के लोगों से मिल कर खुशी होती है। रिश्तेदारों से मिलने का यह एक सुनहरा अवसर होता है। इन सबके बावजूद यूएई में कभी परायापन या अनजानापन नहीं लगता। अभी हवाई सफर में बहुत दिक्कत होती है। अगर जोधपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाए और इंटरनेशनल फ्लाइट्स की सुविधा हो तो एनआरआई परिवारों को बहुत आसानी हो जाएगी। इससे होली दिवाली मनाने के लिए जल्दी जोधपुर आ सकेंगे।

-पीताम्बर होतचंदानी ( Peetambar Hotchandani )
एनआरआइ, यूएइ

निवासी जोधपुर

हम दुबई में, दिल जोधपुर में
मैं चालीस साल से दुबई में हूं। हर दो महीने में जोधपुर आता हूं। मैं भौतिक रूप से दुबई में और मेरा दिल जोधपुर में रहता है। हम एनआरआइज दुबई में रहते हुए भी भारतीय संस्कार जिंदा और रखते हैं। कोई भी सोशल वर्क हो, मैं वह पहले करने की कोशिश करता हूं। दुबई में जोधपुर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एनआरआइ परिवारों के लिए काम करना बहुत अच्छा लगता है। मेरे लिए जोधपुर जन्म भूमि तो दुबई कर्मभूमि है। अपने देश, अपने प्रदेश राजस्थान और अपने शहर जोधपुर आना हमें बहुत अच्छा लगता है। दीपावली ही क्यों,जोधपुर का हर त्योहार अच्छा लगता है। मैंने बहुत मेहनत से पैसा कमाया है। दुबई के प्रवासी राजस्थानियों को यह बात अखरती है कि जोधपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है। जोधपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें होंगी तो एनआरआई परिवारों की बहुत हद तक परेशानी दूर हो जाएगी।

-भगवान कलवानी ( Bhagwan Kalwani )

प्रवासी राजस्थानी, दुबई निवासी जोधपुर
--

फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
भारत मेरे दिल में बसता है। अपने राष्ट्र से दूर रह कर भी हम भारतीय नागरिकों, भारतवंशी परिवारों और प्रवासी भारतीयों के टच में रहते हैं। हमारे अपनों का सुख और अपनों का दुख साझा होता है। अपनी जमीन से दूर रह कर भी देशवासियों की खैरियत पता करता रहता हूं। राजस्थान की अपणायत भरी संस्कृति याद आती है। मुझे राजस्थानी भाषा, राजस्थानी रहन सहन और खान-पान याद आते हैं। वहां त्योहार पर सारे एनआरआई एकत्र होते हैं और स्नेह मिलन करते हैं। हम राजस्थान एसोसिएशन ऑफ अमरीका-राना की ओर से दिवाली का स्पेशल सेलिब्रेशन रखते हैं। दिवाली के त्योहार का असली मजा तो भारत में ज्यादा आता है, लेकिन एब्रॉड में भी लोग भारतीय त्योहारों के बारे में जानते हैं और त्योहार पर दूसरी कम्युनिटी के लोग एनआरआइज को बधाई देते हैं। यह भारतीयता का प्रचार, प्रसार और विस्तार ही तो है कि आज दुनिया के हर देश में भारतीय त्योहार मनाए जाते हैं। इससे वैश्विक भारत की परिकल्पना साकार रूप ले रही है। वहीं वसुधैव कुटुंबकम् की भावना फलीभूत हो रही है। दरअसल अपनी जमीन और अपने देश से जुड़े रहने की खुशी और आनंद की बात ही कुछ और है। प्रवासी राजस्थानियों की नई पीढ़ी को भी अपने देश और प्रदेश से जुड़ा रहना चाहिए।

-दिलीप चौहान ( NRI Dilip Chauhan USA )
एनआरआइ यूएसए

प्रवासी राजस्थानी, निवासी जयपुर

दुनिया के माथे की बिंदिया इंडिया

भारत से निकला हर व्यक्ति हर देश में भारत का ही प्रतिनिधित्व कर रहा है। इस तरह यह भारतीयता का ग्लोबल फलक है। भारतवंशी लोग विदेश में रह कर हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। यूएसए में भी एनआरआई ने अच्छी तरक्की की है। आईटी सैक्टर में तो भारतीय युवा ही छाये हुए हैं। भारतीयों को व्हाइट हाउस में भी महत्व मिलता रहा है। व्हाइट हाउस ने तो राजस्थानी भाषा को मान्यता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एनआरआई को महत्व दिया है। प्रवासी राजस्थानियों ने विदेशों में अच्छी छाप छोड़ी है। चाहे वह बिजनेस सैक्टर हो या आईटी सैक्टर। हर त्योहार पर भारत आना मुश्किल होता है, लेकिन हां जब कभी समय मिलता है, हम भारत आते रहते हैं। भारत एक चुम्बक है जो हमें यूएसए में रहते हुए भी अपने देश की ओर खींचता है। हमारी जड़ें भारत में हैं। हम भारत से कभी अलग नहीं हो सकते। जहां तक त्योहार मनाने की बात है तो हम वहां रह कर भारत को बहुत मिस करते हैं। राजस्थान की दिवाली की बात ही कुछ और है। राजस्थानी भाषा, संस्कृति और सभ्यता के संस्कार हमें अपने देश से जोड़े रखते हैं। पहले लोग सोचते थे कि जो विदेश चला गया, वह बस वहां का हो कर रह गया। ऐसा नहीं है। अब लोगों की सोच में बदलाव आया है। आप फिल्मी गाना याद करिए- ये दुनिया एक दुल्हन दुल्हन के माथे की बिंदिया, ये मेरा इंडिया,आइ लव माय इंडिया।
-दीपक कावडिय़ा ( Deepak Kavadia )

एनआरआइ यूएसए
प्रवासी राजस्थानी

निवासी जयपुर

Published on:
26 Oct 2019 02:18 pm