जोधपुर

Locust outbreak: खेतों में अंडे देने लगी टिड्डी

locust news - बाजरा, मूंग, मोठ, ज्वार की फसलों के बीच टिड्डी कर रही प्रजनन- देश में ढाई महीने में 3.50 हेक्टेयर में मारी टिड्डी
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Locust outbreak: खेतों में अंडे देने लगी टिड्डी
Locust outbreak: खेतों में अंडे देने लगी टिड्डी

जोधपुर. टिड्डी अब खेतों में अंडे देने लग गई है। खेतों में बोयी हुई बाजरा, मूंग, मोठ, ज्वार और ग्वार जैसी फसलों के बीच जमीन में 10 सेंटीमीटर तक खड्डा करके उसमें अंडे दे रही है। अगले 10-15 दिन में इनसे निम्फ यानी होपर निकल जाएंगे। वैसे इससे पहले ओरण सहित अन्य भूमि में अंडे देने से उनसे होपर निकल रहे हैं। रविवार को भी जोधपुर के बाप और सेखाला में होपर पर पेस्टिसाइड स्प्रे किया गया। टिड्डी के प्रजनन से स्थानीय स्तर पर ही टिड्डी के बड़े दल बनने का खतरा हो गया है।

पाकिस्तान से भारत में अब तक 84 टिड्डी दल आए हैं। इसमें से 75 प्रतिशत टिड्डी गुलाबी यानी युवा थी। भारत में आने के बाद कुछ गुलाबी टिड्डी पीली में तब्दील हो गई जो अब अंडे देने की तैयारी कर रही है। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर में खेतों में टिड्डी बैठ रही है। फसल खाने की बजाय पीली टिड्डी उनके बीच में मेटिंग करके अंडे देने की जगह तलाश रही है। टिड्डी चेतावनी संगठन और कृषि विभाग की ओर से कई जगह मेंटिँग करती टिड्डी को मारकर उन्हें प्रजनन से रोका जा रहा है।

मानसून के कारण बढ़ा है खतरा
प्रदेश में पिछले 1 सप्ताह से मानसून सक्रिय है। इसकी सक्रियता के कारण गुलाबी टिड्डी जल्द ही पीली में तब्दील होकर प्रजनन के लिए तैयार हो रही है। रेतीली भूमि और बारिश होने से यह आसानी से जमीन में खुदाई करके उसमें 100 से 150 अंडे छोड़ रही है। टिड्डी अपने पीछे के भाग को जमीन में 5 सेंटीमीटर तक अंदर डालकर सुरक्षित तरीके से प्रजनन करती है इसलिए अंडों को सीधा खत्म करना मुश्किल होता है।

अब तक 3.50 लाख हेक्टर में नियंत्रण

देश में इस सीजन में 11 अप्रैल से पहली बार सीमा पार से होपर का आना शुरू हुआ था अब तक 3.50 लाख हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण किया जा चुका है। टिड्डी पर करीब 3 लाख लीटर पेस्टिसाइड स्प्रे किया गया है।
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‘टिड्डी का प्रजनन बढ़ गया है। अब वह खेतों में भी अंडे दे रही है। जैसे ही हमें होपर की सूचना मिलती है। हम तुरंत वहां पहुंचकर उसे मार देते हैं।’
वीरेंद्र सिंह सोलंकी, उप निदेशक, कृषि विभाग जोधपुर

Published on:
19 Jul 2020 11:30 pm