
गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दो माह से कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद तेल कम्पनियों ने इस महीने घरेलू गैस की कीमत घटाई है। 14.2 किलो का एलपीजी सिलेण्डर एक दिसम्बर से 133 रुपए सस्ता किया गया। अब इसकी कीमत 815 रुपए प्रति सिलेण्डर है। जानकारों के मुताबिक 7 दिसम्बर को विधानसभा चुनाव के कारण इसकी कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट की गई थी लेकिन इसका जनता पर कोई असर नहीं पड़ा। पिछले साढे चार साल में घरेलू गैस का सिलेण्डर करीब 100 रुपए महंगा हुआ है। पिछले दस साल में इसमें दो सौ रुपए की वृद्धि हुई है। नवम्बर में घरेलू गैस सिलेण्डर 948 रुपए का हो गया था। तब कई घरों से सिलेण्डर रिटर्न होने लगे थे और गैस एजेंसियों की बुकिंग 10 फीसदी तक घट गई थी। सिलेण्डर की कीमत 1000 रुपए पहुंचने की आशंका और मतदाताओं की प्रतिक्रिया देखकर सरकार घबरा गई और इस महीने में एक साथ 133 रुपए कम किए जो एक बहुत बड़ी गिरावट है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों ने महंगा किया सिलेण्डर
सब्सिडी छोडकऱ जनवरी 2008 में घरेलू गैस के सिलेण्डर की कीमत 304.70 रुपए थी। केंद्र में कांग्रेस सरकार 2014 तक सिलेण्डर को 414 रुपए तक ले आई। महंगाई कम करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के नाम पर सत्ता में बहुमत के साथ आई नरेंद्र मोदी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में सिलेण्डर की कीमत सौ रुपए बढकऱ 515 रुपए के करीब पहुंच गई है। दोनों ही सरकारों ने अपने कार्यकाल में सिलेण्डर के दाम सौ सौ रुपए बढ़ा दिए।
कच्चा तेल 49 फीसदी सस्ता, सिलेण्डर 25 फीसदी महंगा
मई 2014 में घरेलू गैस के सिलेण्डर की कीमत 414 रुपए थी। उस समय कच्चे तेल की कीमत 102.71 डॉलर प्रति बैरल थी। उस समय सिलेण्डर के दामों में वृद्धि होनी शुरू हुई लेकिन कच्चे तेल की कीमतें नीचे आनी शुरू हो गई। कच्चे तेल में 49 फीसदी तक की गिरावट आ गई। वर्तमान में भी कच्चे तेल की कीमत करीब 60 डॉलर प्रति बैरल है लेकिन घरेलू गैस का सिलेण्डर 2014 से लेकर 2018 तक 25 फीसदी महंगा हुआ है।
10 साल में 200 रुपए महंगी हुई गैस
तिथि ---------- घरेलू सिलेण्डर की कीमत
जून 2008 ----------304.70
जनवरी 2009 ----------279.70
जनवरी 2010 ----------281.20
जून 2011 ----------399.26
जुलाई 2012 ----------399
जनवरी 2013 ----------410.50
जनवरी 2014 ----------414
जनवरी 2015 ----------417.82
जनवरी 2016 ----------419.33
जनवरी 2017 ----------44.71
जनवरी 2018 ----------495.64
जनवरी 2019 ----------515 (अनुमानित)
राजस्थान में एलपीजी कवरेज पड़ौसी राज्यों से कम
देश में एलपीजी का कवरेज 89 प्रतिशत हो गया है। राजस्थान में 95.4 फीसदी परिवारों के पास एलपीजी सिलेण्डर है जबकि पड़ौसी राज्यों पंजाब, दिल्ली, चण्डीगढ, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखण्ड में सौ प्रतिशत से अधिक है। यहां तक दक्षिण राज्यों केरल, मिजोरम, पुदुचेरी और तेलंगाना में भी सौ फीसदी से अधिक एलपीजी कवरेज है। राजस्थान में गांवों में अब भी कई जगह परंपरागत ईंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अगस्त के बाद सबसे सिलेण्डर में बड़ी गिरावट
जोधपुर में सिलेण्डर की कीमत
महीना --------- सिलेण्डर की कीमत ---------सब्सिडी ---------वास्तविक मूल्य
दिसम्बर 2018 ---------815 ---------308 ---------507
नवम्बर 2018 ---------948 ---------434.61 ---------513.39
अक्टूबर 2018 ---------896 ---------377.08 ---------518.92
सितम्बर 2018 ---------827.50 ---------321.92 ---------505.58
अगस्त 2018 ---------759.52 ---------293.39 ---------466.13
देश में नब्बे फीसदी परिवारों के पास स्वच्छ ईंधन
- 56.2 प्रतिशत एलपीजी कवरेज था 2015 में
- 89 प्रतिशत एलपीजी कवरेज हुआ नवम्बर 2018 तक
- 24.9 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता है देश में
- 22.9 करोड़ उपभोक्ता लेते हैं सब्सिडी
- 11.9 करोड़ परिवारों के पास दो सिलेण्डर
- 13.6 करोड़ उपभोक्ता है शहरों में
- 11.3 करोड़ उपभोक्ता गांवों में
- 139 प्रतिशत एलपीजी कवरेज सर्वाधिक गोआ में
- 95.4 प्रतिशत एलपीजी कवरेज राजस्थान में
- 65.4 प्रतिशत एलपीजी कवरेज सबसे कम झारखण्ड में