
जोधपुर. प्लास्टिक व अन्य हानिकारक वेस्ट को रिड्यूज, रियूज और रिसाइकिल करने के 3 आर प्रोजेक्ट में जोधपुर शहर के कुछ नवाचार को स्वायत्त शासन विभाग को काफी पसंद आए हैं। इसके बारे में जोधपुर से विशेष प्रोजेक्ट बनवा कर मंगवाया गया है। अगली बार स्वच्छता सर्वेक्षण की गाइड लाइन में मॉडल के तौर पर जोधपुर को भी शामिल किया जा सकता है।
वर्तमान में 3 आर प्रोजेक्ट के तहत देश में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और गोवा के पणजी को ही मॉडल के रूप में दिखाया जाता है। लेकिन इस बार जोधपुर में कुछ इनोवेशन किए गए हैं। जिसमें प्लास्टिक रियूज करने के तरीके बताए गए हैं। नए तरीकों को कुछ समय पहले डीएलबी ने भी प्रोजेक्ट बनाकर मांगा था।
यह किया नवाचार
निगम के हेल्थ ऑफिसर सचिन मौर्य ने बताया कि प्लास्टिक बोतल में पौधे उगाकर प्रयोग के तौर पर कई साइटस पर लगाए गए। वहीं केरू में ऐसा ही एक उद्यान भी विकसित किया गया। इसी प्रकार एक निजी स्कूल के साथ मिलकर वेस्ट टायर व अन्य उत्पादों के जरिये आकर्षक किड्स पार्क भी विकसित किया गया है।
3 आर के 50 से ज्यादा नंबर
3 आर प्रक्रिया अपनाने पर अलग-अलग तरीके से 50 अंक निर्धारित है। डाक्यूमेंटेशन में इन नम्बर को संचित करने के साथ डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन में भी लाभ मिल सकता है।