जोधपुर

विश्व प्रसिद्ध Mehrangarh Fort को लेकर आई यह खुशखबर, ऐसे मिलेगी राहत…

हटने लगे Tourism की राह में खड़े पहाड़, फाइलों से बाहर आई सड़क, वन विभाग की जमीन पर सड़क बनाने के बदले दी गई 9 हेक्टेयर जमीन, घोड़ाघाटी से Mehrangarh fort तक सड़क का कार्य JDA ने करवाया शुरू  
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Apr 20, 2022
विश्व प्रसिद्ध Mehrangarh Fort को लेकर आई यह खुशखबर, ऐसे मिलेगी राहत...
विश्व प्रसिद्ध Mehrangarh Fort को लेकर आई यह खुशखबर, ऐसे मिलेगी राहत...

Jodhpur City

मारवाड़ के पर्यटन की मुख्य धुरी Mehrangarh Fort तक जाने वाली सड़क की राह अब और आसान होगी। एक दशक तक धक्के खाने के बाद फाइलों में चल रही यह सड़क आखिरकार धरातल पर आ गई। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद JDA jodhpur ने इसका कार्य शुरू करवा दिया है। इस सड़क को बनाने के लिए वन विभाग की जितनी जमीन काम में ली जाएगी, उससे दोगुनी जमीन सरकार की ओर से वन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है।


पर्यटन का केन्द्र कहे जाने वाले मेहरानगढ़ किले के लिए जाने वाला रास्ता वर्तमान में बहुत संकरा है। पर्यटन सीजन में इस मार्ग पर जाम लगना आम बात है। इसके स्थाई समाधान के लिए बालसमंद घोडा घाटी से सीधे मेहरानगढ़ तक वैकल्पिक सड़क को करीब एक दशक पहले प्रस्तावित किया गया था। लेकिन कई कारणों से यह धरातल पर नहीं आ पा रही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे पर्यटन क्षेत्र के बजट में शामिल किया और 10 करोड़ का प्रावधान किया।

फैक्ट फाइल
- 2.4 किमी होगी घोडाघाटी से मेहरानगढ़ रोड तक बनने वाली इस सड़क की लम्बाई।
- 1960 मीटर सड़क वन भूमि क्षेत्र से निकलेगी।

- 9 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को दी गई है इस जमीन पर सड़क बनाने के बदले।
- 10.5 करोड़ का बजट घोषणा की थी सीएम ने इस प्रोजेक्ट के लिए।

वन भूमि होने के कारण फाइलों में था प्रोजेक्ट
यह सड़क वन भूमि से होकर निकलनी है, ऐसे में कई सालों से यह फाइलों से बाहर ही नहीं आ पा रही थी। इस बार सीएम के निर्देश पर जिला कलक्टर ने इसके लिए पहल की और दोगुनी जमीन बाप के पास आवंटित कर दी। जेडीए अधिशासी अभियंता संदीप माथुर ने बताया कि इस सड़क के लिए हस्तांतरण पूरा होने व वन विभाग से निर्माण की अनुमति मिलने के बाद मौके पर पहाड़ के पत्थर हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

एक दिन में हजारों पर्यटक व सैकड़ों गाडि़यां
वर्तमान में मेहरानगढ़ पहुंचने के लिए एक मात्रा रास्ता नागौरी गेट के समीप से होकर गुजरता है। इस मार्ग के अत्यंत संकरे होने के कारण यहां सदियों में पर्यटन सीजन में जाम की िस्थति बन जाती है। सीजन में एक दिन में हजारों की संख्या में पर्यटक व सैकड़ों गाडि़यां प्रतिदिन यहां से गुजरती है।

इनका कहना...
इस सडक पर जमीन हस्तांतरण व सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्य शुरू किया जा चुका है। दोगुनी जमीन वन विभाग को दे दी गई है।
- इंद्रजीत यादव, आयुक्त, जेडीए जोधपुर।

Published on:
20 Apr 2022 08:01 pm