
जोधपुर. मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न कोय...। मारवाड़ और मेवाड़ ही नहीं, पूरे राजस्थान और भारत भर, विशेषकर भक्ति जगत में लोकप्रिय भक्त शिरोमणि मीरा की नगरी मेड़ता में डांगावास रोड पर जोधपुर के छीतर के पत्थर से कलात्मक मीरा द्वार बनाया जाएगा। इसके लिए सितंबर में काम शुरू होगा। यह द्वार एक साल में बन कर तैयार हो जाएगा। इसके लिए 1.48 करोड़ की निविदा जारी की गई है।
मीरा द्वार के लिए एक्सपर्ट अब्दुल वकील गजधर व सहयोगी टीम से डीपीआर बनवाई गई है। मीरा द्वार के लिए 1 करोड़ 48 लाख रुपए की निविदा जारी की जा रही है। मीरा द्वार के लिए 20 लाख रुपए अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव किया है। अगर जरूरत पड़ी तो इस राशि का उपयोग भी मीरा द्वार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। प्रयास यही रहेगा कि सितम्बर महीने के पहले सप्ताह में मीरा द्वार का निर्माण शुरू करवा दिया जाए। शिलान्यास के अवसर पर बड़ा कार्यक्रम होगा। मीरा द्वार के निर्माण के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कमेटी की देखरेख और निर्देशन में मीरा द्वार का निर्माण कार्य करवाया जाएगा। यही नहीं, मेड़ता नगरपालिका से लेकर मोररा तिराहे तक डिवाइडर के नवीनीकरण का कार्य भी करवाया जाएगा।
चौपाटी के लिए जल्द जारी होगी डीपीआर
कुंडल सरोवर पर प्रशासन एवं आमजन के सहयोग से कार्य चल रहा है। मीरा द्वार के लिए निविदा जारी हो गई है। शीघ्र ही चौपाटी के लिए डीपीआर बनवाई जाएगी और इसके निर्माण की प्रक्रियां शुरू की जाएगी। मीरा द्वार के लिए जोधपुर के छीतर (चौपड़) पत्थर और डिजाइनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मेड़ता में पहले 3 द्वार थे, अब बनेगा मीरा
मेड़ता नगर पालिकाध्यक्ष रुस्तम पिं्रस के अनुसार मेड़ता शहर में पहले तीन द्वार हुआ करते थे। इनमें प्रमुख मीरा द्वार, अजमेरी गेट और रेणी गेट थे। समय के साथ तीनों द्वार जर्जर होने पर ध्वज करवाने पड़े। दसके बाद 90 में दशक में जर्जर हुआ मीरा द्वार नया बनवाने के लिए ध्वस्त करवाया गया था। अब नगरपालिका ने मीरा द्वार बनवाने के लिए निविदा जारी की है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।