
जोधपुर. ‘मैं राजसमंद जिले के एक छोटे से गांव से हूं और छोटी सी उम्र में पैरेंट्स के साथ मुम्बई चली गई थी। दादाजी का सपना था कि मैं राजस्थान का नाम रोशन करूं, अपने जिले राजसमंद की पहचान दुनियाभर में पहुंचा सकूं। जब मेरे कॅरियर की बात आई तब मैंने पैरेंट्स को मॉडलिंग ही पहला ऑप्शन बता दिया था। उस वक्त बहुत से लोगों ने कहा था कि यह सपना आसानी से पूरा नहीं हो सकता है, खासकर छोटे से गांव से निकली लडक़ी से तो बिलकुल नहीं।
मैंने इसे चैलेंज की तरह लिया और दादाजी के सपने के साथ राजस्थान से ऑडिशन दिया। यहां से मिस वल्र्ड एशिया बनने का सफर बहुत खास रहा है। यंग गल्र्स से कहूंगी कि कभी अपने सपनों को छोटा मत होने देना, ये सपने ही आपको मंजिल तक पहुंचाएंगे।’ यह कहना है, ब्यूटी पीजेंट मिस वल्र्ड में भारत का नाम रोशन करने वाली सुमन राव का। सुमन ने पत्रिका प्लस से अपने अनुभवों को शेयर किया।
मिस वल्र्ड टॉप 10 में शामिल हुआ प्रोजेक्ट
सुमन ने बताया कि मिस वल्र्ड में मेरा प्रोजेक्ट टॉप 10 में शामिल हुआ। ब्यूटी विद् पर्पज ‘प्रगति’ के नाम से यह प्रोजेक्ट है और इसमें मैं महिलाओं को फाइनेशियल तौर पर इंडिपेंडेड बनाने के लिए कार्य कर रही हूं। इसकी शुरुआत अपने गांव में की थी और वहां ग्रामीण महिलाओं के लिए सिलाई-बुनाई का काम शुरू करवाया। आज उन महिलाओं के बनाए प्रोडक्ट्स दुनियाभर में सेल हो रहे हैं। साथ ही मैंने ट्रायबल एरिया में प्रोडक्ट यूनिट शुरू की है, जिसके तहत वहां के स्थानीय लोग एलोवेरा प्रोडक्ट बना रहे हैं।
मां मेरी रोल मॉडल
सुमन ने कहा कि ‘मैं जिस कम्यूनिटी से आती हूं, वहां महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध है। सच कहूं तो मेरी मां ने भी बहुत कुछ सहन किया है, लेकिन उन्होंने ही मुझे आगे बढऩे का हौसला दिया है। उन्होंने मेरी बेहतर परवरिश की और मुझे अपने सपनों को चुनने व अपनी राह बनाने की प्रेरणा दी। इसी वजह से मैं इस उम्र में एक स्वतंत्र महिला बन पाई। जब मैंने मिस वल्र्ड एशिया का ताज जीता तो सबसे ज्यादा खुश मेरे पैरेंट्स ही थे। 111 देशों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अब तक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। हमने हर दिन को अलग तरह से सेलिब्रेट किया। मॉडल्स ने अपने-अपने देश के कल्चर को प्रस्तुत किया। विदेशी मॉडल्स को मेरी सादगी सबसे ज्यादा अच्छी लगी।
मिसेज इंडिया जौहरी व सोलंकी का सम्मान
महिला पीजी महाविद्यालय में सामाजिक संगठन सत्यमेव जयते सिटीजन सोसायटी की ओर से व्यक्तित्व विकास पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी वंदना सिंघवी सहित मिसेज इंडिया रही सिद्धि जौहरी और कंचन सोलंकी ने अपने अनुभवों से छात्राओं को लाभान्वित किया। सोसायटी की सचिव चंद्रकिरण दवे ने बताया कि महाविद्यालय के सहयोग से आयोजित ‘समर्पण 2019’ कार्यक्रम के तहत ‘कॅरिअर गाइडेंस और व्यक्तित्व विकास’ को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सिंघवी ने छात्राओं से आत्मविश्वास को मजबूत रखने का आह्वान करते हुए अपने लक्ष्य में कामयाब होने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में मिसेज इंडिया सिद्धि जौहरी और कंचन सोलंकी सहित महाविद्यालय शिक्षिका स्नेहलता व्यास,भरत भट्ट व आकांक्षा सिंघल को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया। सोसायटी की अध्यक्ष विमला गट्टानी और महिला पीजी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मनोज उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया।