
विकास चौधरी/जोधपुर. उदयमंदिर थाना पुलिस ने पुरी तिराहे के पास मुख्य रोड स्थित मोबाइल शोरूम में सेंध लगाकर 25 लाख रुपए के मोबाइल व अन्य सामग्री चुराने के मामले का पच्चीस दिन में पर्दाफाश कर दो युवकों को गिरफ्तार किया। चोरी करने में शामिल एक अन्य की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। थानाधिकारी राजेश यादव ने बताया कि 4 मई की रात मिनर्वा कॉम्प्लेक्स स्थित लोकेश एंटरप्राइजेज नामक मोबाइल शोरूम में सेंध लगा 25 लाख रुपए के मोबाइल, चार्जर, पावर बैंक व मैमोरी कार्ड चुरा लिए गए थे। प्रकरण में नीमच जिले के बदमाशों के शामिल होने का पता लगा।
पुलिस ने नीमच के ग्वाल टोली निवासी विष्णु उर्फ छोटू प्रजापति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी करने में नीमच में ही इन्द्रनगर विस्तार निवासी हंसराज उर्फ बंटी व एक अन्य युवक के शामिल होने की जानकारी दी। पुलिस ने हंसराज को भी हिरासत में ले लिया। तीसरा युवक पकड़ में नहीं आया। ग्वाल टोली निवासी विष्णु उर्फ छोटू (20) पुत्र भोलाराम प्रजापति व इन्द्रा नगर विस्तार निवासी हंसराज उर्फ बंटी (20) पुत्र मोहनलाल कच्छावा को गिरफ्तार कर मंगलवार को जोधपुर लाया गया, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने विष्णु को तीन दिन और हंसराज उर्फ बंटी को आठ दिन के लिए रिमाण्ड पर भेजने के निर्देश दिए।
अधिकांश माल बरामद होने का दावा
पुलिस ने पच्चीस दिन में वारदात का खुलासा किया है। उसका दावा है कि चोरी का अधिकांश माल बरामद हो जाएगा। कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनंत कुमार व आईपीएस अधिकारी सुधीर चौधरी के नेतृत्व में थानाधिकारी यादव, उप निरीक्षक मुकनदान, हैड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल श्रवण कुमार, सूरजाराम, विनोद कुमार, गिरधारीलाल और डीसीपी कार्यालय से कांस्टेबल राकेश व जितेन्द्र शामिल थे।
तकनीकी जानकारी जुटाकर चोरों तक पहुंची पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने शोरूम व आस-पास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले। रेलवे स्टेशन के आस-पास की होटलों में वारदात से बीस दिन पहले तक ठहरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा तकनीक के आधार पर भी चोरों की तलाश के प्रयास किए गए। इस बीच, चोरी का एक मोबाइल विष्णु उर्फ छोटू ने खरीद लिया। उससे पुलिस को चोरों के नीमच के होने के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल गए। गत 25 मई को पुलिस ने नीमच पहुंचकर कैम्प किया। चार दिन की तलाशी के बाद विष्णु उर्फ छोटू पकड़ में आया। उसकी सूचना पर हंसराज को दबोचा गया।