
ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य डॉ अरुण कुमार वर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता आध्यात्मिक क्षेत्र पर्यावरण संस्थान की ओर से दायर याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार एवं वन विभाग का दायित्व है कि वह वन भूमि को सीमांकन, मीनारबंदी तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए संरक्षित करने का प्रयास करें। वन विभाग की ओर से कहा गया कि बड़ा भाखर वन खंड में खसरा संख्या 885 का वन विभाग के पक्ष में म्यूटेशन हो गया है। इस खसरे को लेकर कोई म्यूटेशन विचाराधीन नहीं है। यहां एक शवदाह गृह वन भूमि पर पाया गया है, जिसके खिलाफ संयुक्त निरीक्षण में पुष्टि होने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रतिभागियों की ओर से यह दावा किया गया कि खसरा संख्या 885/2 में नगर निगम दक्षिण की कोई फॉर्म हाउस योजना प्रस्तावित नहीं है। यदि भविष्य में ऐसी कोई योजना प्रस्तावित होगी तो वन अधिनियम तथा पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप आवश्यक नियमों की पालना की जाएगी।