
जोधपुर .
करोड़ों की देनदारियों से जूझ रहा जोधपुर विकास प्राधिकरण अब शहर की प्रमुख सडक़ पर बढ़ते यातायात दबाव की समस्या से भी मुंह मोड़ता नजरसे राहत देता नजर नहीं आ रहा है। मंडोर से लेकर आखलिया चौराहे तक मुख्य मार्ग पर यातायात दबाव कम करने के लिए जेडीए ने दो प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को तो भिजवाए है, लेकिन खुद यह काम करवाने से हाथ खींच चुका है। इधर, राज्य सरकार भी १०० करोड़ से अधिक का बजट देने की मंशा नहीं बना पा रही।
शहर का पावटा चौराहा, नई सडक़ चौराहा, सोजती गेट तिराहा, जालोरी गेट चौराहा एेसे पॉइंट हैं, जो हर समय भारी यातायात दबाव को झेलते हैं। १२ किलोमीटर लम्बे मंडोर से आखलिया चौराहे तक के मार्ग पर यातायात दबाव कम करने के विकल्प राज्य सरकार ने मांगे थे। विधानसभा में शहर विधायक कैलाश भंसाली ने एक सवाल पूछकर एेलिवेटेड रोड का मुद्दा भी उठाया। जनता को इस समस्या से राहत देने की बजाय जेडीए ने प्रस्ताव बनाकर बजट नहीं होने का हवाला देकर हाथ खींच लिए। वहीं सरकार भी चुनावी साल में कोई राहत देती नजर नहीं आ रही।
जेडीए ने प्रस्ताव भेज इतिश्री की
इस मुख्य सडक़ पर सुबह और शाम के समय अत्यधिक यातायात दबाव रहता है। एेसे में लम्बे समय से वैकल्पिक मार्ग निकालने की मांग उठती रही है। एेलिवेटेड सडक़ का मुद्दा जब विधानसभा में उठा तो जेडीए ने दबाव कम करने के लिए दो आेवरब्रिज प्रस्ताव बनाए। इनमें पहला पावटा चौराहे पर बनना था। यह मंडोर मार्ग से होकर कलक्ट्रेट मार्ग तक प्रस्तावित किया गया। दूसरा ओवरब्रिज जालोरी गेट चौराहे पर प्रस्तावित किया गया, जो कि एमजीएच मार्ग से चौपासनी मार्ग तक प्रस्तावित किया। लेकिन इन आेवरब्रिज को बनाने के लिए जेडीए ने अक्षमता दिखाई और सरकार से बजट मिलने पर ही काम करने की बात कही है।
सरकार भी दबाए बैठी प्रस्ताव को
सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान ही यह प्रस्ताव मांग लिए थे, लेकिन इन्हें न तो सत्र के दौरान स्वीकृति दी गई और न ही इसके बाद अब तक। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब डेढ़ सौ करोड़ होगी। एेसे में सरकार इस राशि को यहां दो ओवरब्रिज के लिए देने से ज्यादा दूसरे प्रोजेक्ट में देने के पक्ष में है।
विधानसभा तक पहुंचा मामला
इस मामले को लेकर शहर विधायक कैलाश भंसाली ने विधानसभा में सवाल पूछा था। इसमें मंडोर से लेकर पावटा, सोजती गेट, जालोरी गेट, पांचवी रोड चौराहा से होते हुए आखलिया चौराहे तक यातायात दबाव को देखते हुए एेलिवेटेड रोड का मुददा उठाया गया था, लेकिन एेलिवेटेड रोड को छोडक़र राज्य सरकार की ओर से ओवरब्रिज के मामले में भी सहायता उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
इनका कहना है
राज्य सरकार ने एेलिवेटेड रोड का कोई प्रस्ताव नहीं मांगा था। हमने अपने स्तर पर पावटा और जालोरी गेट चौराहे पर दो ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेजा था। हमारे पास बजट नहीं है, इसलिए हम बना नहीं सकते। लेकिन सरकार ने भी अब तक कोई स्वीकृति जारी नहीं की है।
- जी.पी.एस चौहान, अधिशासी अभियंता, जोधपुर विकास प्राधिकरण
एक नजर में यातायात समस्या
- १२ किलोमीटर आखलिया से मंडोर रोड
- ८ प्रमुख चौराहे इस मार्ग पर
- २ ओवरब्रिज किए प्रस्तावित
- १५० करोड़ से अधिक का खर्च