जोधपुर

न मैदान, न एस्ट्रोटफज़् सुविधा, कैसे तैयार होंगे ध्यानचंद?

- जेएनवीयू में राष्ट्रीय खेल हॉकी के प्रति उदासीनता, खिलाड़ी खेल सुविधाओं से वंचित
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Apr 20, 2019
jodhpur
न मैदान, न एस्ट्रोटफज़् सुविधा, कैसे तैयार होंगे ध्यानचंद?

जोधपुर।

प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में राष्ट्रीय खेल हॉकी में सुविधाओं का विकास न के बराबर है। स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक खेल सुविधाओं के हाल बेहाल है। इस वजह से यहां प्रतिभाएं को मौका नहीं मिलता और वे आगे नहीं बढ़ पाती है। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) के हॉकी खिलाडिय़ों के लिए सबसे बड़ी समस्या एस्ट्रोटफज़् की सुविधा नहीं है । जयपुर, अजमेर में हॉकी खिलाडिय़ों को एस्ट्रोटफज़् की सुविधा मिल रही है, और अब उदयपुर में एस्ट्रोटफज़् शुरू हो गया है जबकि जोधपुर के खिलाड़ी इस सुविधा से वंचित है तो, यहां कैसे तैयार होंगे ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी? खिलाडिय़ों को नहीं मिल रही सुविधाएंजेएनवीयू खिलाडिय़ों को खेल सुविधाएं प्रदान करने में भी नाकाम साबित हो रहा है। विवि कोच, खेल मैदानों, खेल संसाधनों-उपकरणों जैसी मूलभूत समस्याओं के निराकरण को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में, खिलाडिय़ों को एस्ट्रोटफज़् हॉकी ग्राउण्ड, यह उच्च सुविधायुक्त खेल सुविधा में आता है और इसकी कीमत करोड़ों में होती है, उपलब्ध करवाना एक सपने जैसे लगता है। खिलाडि़य़ों ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले।

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खिलाडिय़ों के लिए क्यों जरूरी है एस्ट्रोटफज़्

विवि में हॉकी के खिलाडिय़ों का मिट्टी के मैदान में खेलने से अस्थमा सहित श्वास से जुड़ी बीमारियों की आशंका रहती है। विवि खेल मैदान में कंकड़-पत्थर बाहर निकले हुए है, इससे खिलाडिय़ों के चोटें लगने की संभावना रहती है।जिले व संभाग के खिलाड़ी, राज्य या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने जाते है, तो वहां एस्ट्रोटफज़् पर मैच होते है। जिस पर, स्थानीय खिलाड़ी खेलने के अभ्यस्त नहीं होते है। इस वजह से उनको एस्ट्रोटफज़् पर खेलने में समस्या आती है। परिणामस्वरूप, टीम श्रेष्ठ प्रदशज़्न नहीं कर पाती और मैच हारती है, खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते।

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हॉकी खिलाडिय़ों के लिए विश्वविद्यालय में एस्ट्रोटफज़् की सुविधा नहीं है। हॉकी के लिए कोई विशेष मैदान तो है नहीं, एक ही ग्राउण्ड पर अधिकांश खेल होते है। इस मैदान पर मिट्टी, गड्ढे, कंकड-पत्थर आदि की वजह से खिलाडिय़ों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विवि प्रशासन को अवगत कराया था, अब कुलपति को अवगत कराएंगे।

भूपेंद्र सिंह सांकड़ा, छात्रसंघ अध्यक्ष

शारीरिक शिक्षा विभाग, जेएनवीयू

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मेरी ज्वॉइनिंग के बाद स्पोट्सज़् बोडज़् या छात्रों की ओर से ऐसा कोई मामला मेरे सामने नहीं आया है। विवि की आथिज़्क स्थिति अच्छी नहीं है, फिर भी प्रयास किया जाएगा कि छात्रों को अच्छी खेल सुविधा मिले।

प्रो गुलाबसिंह चौहान, कुलपतिजेएनवीयू

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Updated on:
20 Apr 2019 08:13 pm
Published on:
20 Apr 2019 08:13 pm