
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले के नेड़ान में मैसर्स अडाणी रिन्युबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड को 6115 बीघा भूमि आवंटित करने के मामले में अगली सुनवाई 2 दिसंबर को मुकर्रर करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि नहीं दी जाएगी। कोर्ट इस मामले में पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दे चुका है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में अपीलार्थी बकरत खान और कल्याण सिंह की ओर से दायर विशेष अपीलों पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आज ही सुनवाई का आग्रह किया, लेकिन अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ताओं के वीडियो कांफ्रेंसिंग से नहीं जुडऩे पर सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर की गई। पोकरण के उपखंड अधिकारी ने वर्ष 2006 में कृषि प्रयोजनार्थ पात्र कृषकों को भूमि आवंटन के लिए आवेदन मांगे थे। अपील के अनुसार बंजर भूमि नहीं होने के कारण इस भूमि का केवल कृषि प्रयोजनार्थ उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि भूमि की किस्म बारानी है। इसके बाद वर्ष 2015 में राज्य अक्षय ऊर्जा निगम ने नेड़ान गांव की 6115 बीघा भूमि को मैसर्स अडाणी रिन्युबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड को आवंटित करने की सिफारिश की। इसके आधार पर राजस्व विभाग ने 30 मई, 2017 को एक आदेश जारी करते हुए भूमि की किस्म बारानी से बदली और इसे एनर्जी पार्क के लिए आवंटित करने की स्वीकृति दे दी। सरकार की स्वीकृति के बाद जिला कलक्टर ने 11 जनवरी, 2018 को कंपनी के पक्ष भूमि आवंटन पत्र जारी किया। इस आवंटन को अलग अलग आधार पर चुनौती दी गई है।