
जोधपुर।
कोरोना काल में रोज कमाकर खाने वाले पावटा सब्जी मंडी के फल-सब्जी विक्रेताओं पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इन दिनों सब्जी मंडी में दुकान खोलने व बंद करने की समय सीमा कम करने से दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। ग्राहकी के अभाव में सब्जियों का खराबा हो रहा है और अधिकांश फल-सब्जियां बिना बिके ही खराब होने के कारण बाहर फेंकनी पड़ रही है। इससे पावटा मंडी के करीब 560 फुटकर व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ग्राहक ताजी सब्जियां ही खरीदते है
व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक ताजी सब्जियां होने पर ही खरीदते है। एक दिन पुरानी सब्जी नहीं खरीदते। विक्रेता दूसरे दिन भदवासिया होलसेल सब्जी मंडी से ताजी सब्जियां लाते है, लेकिन दुकान खोलने के लिए निर्धारित समय सुबह 11 बजे तक पूरे फल-सब्जी नहीं बिक पाते और विक्रेताओं को फिर सब्जियां बाहर फेंकनी पड़ती है।
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गत लॉकडाउन में सुबह से शाम तक मंडी खोलने के निर्देश
व्यापारियों ने बताया कि गत लॉकडाउन में सुबह से शाम तक सब्जी मंडी खोलने के निर्देश थे, इस बार मंडी खोलने का समय कम कर देने से फल-सब्जियां पूरी तरह नहीं बिक पा रही है और उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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दुकानें खोलने का समय कम होने से माल की बिक्री कम हो गई व माल खराब हो रहा है। हमने जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा उप मंडी पावटा को सुबह 6 से शाम 5 बजे तक खोलने की मांग की है।
नरेन्द्रसिंह परिहार, अध्यक्ष
जोधपुर फल सब्जी व्यापारी विक्रेता (सीटू)