
विकास चौधरी/जोधपुर. लॉक डाउन व कफ्र्यू की वजह से शहर के गली-मोहल्ले और कॉलोनियां ही नहीं अपितु हाइवे भी अछूते नहीं हैं। डीपीएस बाइपास होकर जैसलमेर जाने वाली हाइवे पर आगोलाई कस्बे तक सन्नाटा ही सन्नाटा नजर आता है। दूर-दूर तक कोई वाहन तक दिखाई नहीं देता है। बम्बोर स्थित टोल प्लाजा पूरी तरह सूना मिला। वहां न तो कोई कर्मचारी दिखाई दिया और न ही कोई सुरक्षाकर्मी। सरकार ने टोल नाकों से वाहनों की आवाजाही को मुक्त कर रखा है। नाके पर सिर्फ लाल व हरी लाइट लगा रखी है। ऐसे में टोल वसूली न होने से इक्का-दुक्का वाहन सरपट निकल रहे थे। शहर से हाईवे तक जगह-जगह पर नाके लगाकर पुलिस निगरानी रखे हुए है।
हड़ताल में भी ऐसा सूनापन नहीं देखा
जोधपुर से आगोलाई तक करीब 45 किमी तक अति आवश्यक सेवा वाली वस्तुओं के परिवहन में लगे एक-दो ट्रक व ट्रेलर अवश्य दौड़ते नजर आए। हाईवे के किनारे वाले गांवों में भी लॉक डाउन का पूरा असर नजर आया। इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़ पूरे बाजार बंद दिखाई दिए। लॉक डाउन का पालन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि बाजार, दुकानें और वाहनों की आवाजाही पहली बार पूरी तरह बंद देखी। ऐसा सूनापन कभी दिखाई नहीं दिया।