जोधपुर

सीजीएचएस में अप्रूव ही नहीं, फिर भी कर लिया भर्ती

  संभागीय आयुक्त तक पहुंची निजी अस्पताल की शिकायत
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Nov 24, 2020
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जोधपुर. कोविड इलाज में निजी अस्पतालों की मनमानी पर राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रसंज्ञान के बाद गठित कमेटी के दौरों के बीच एक निजी अस्पताल की शिकायत संभागीय आयुक्त तक पहुंची है। एक रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारी ने कैसलेस सुविधा नहीं देने का आरोप लगाया है। आरोप है कि अस्पताल ने सीजीएचएस में कैसलेस इलाज की सुविधा होने की हामी भरी और बाद में इससे इनकार कर दिया। इधर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया गया। अस्पताल सीजीएचएस में पंजीकृत नहीं होने की जानकारी मरीज के परिजनों को अगले दिन ही दे दी गई थी।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एसके व्यास का कहना है कि उनकी पत्नी तारा व्यास के कोरोना इलाज के लिए उन्होंने पाल लिंक रोड स्थित निजी अस्पताल के संचालक से बातचीत की। उन्होंने अस्पताल को सीजीएचएस के लिए स्वीकृत बताया तो 20 नवंबर को उन्होंने पत्नी को भर्ती करा दिया। संबंधित स्टाफ नहीं होने और अगले दिन राशि वापस मिल जाने का भरोसा दिए जाने के बाद उन्होंने हॉस्पिटल के काउंटर पर 5 हजार रुपए जमा करा दिए। इंश्योरेंस टीपीए विभाग से अगले दिन पता चला कि अस्पताल अपू्रव्ड नहीं है। वे झांसे में आ गए। इलाज के नाम पर उनसे करीब 40 हजार रुपए और 40 हजार रुपए जांच व दवाई के नाम से वसूले गए हैं।

Updated on:
24 Nov 2020 10:56 pm
Published on:
24 Nov 2020 10:56 pm