
जोधपुर. आमजन की फेसबुक और मैसेंजर हैक कर परिचित और मित्रों से रुपए मांगने वाले हैकर पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ रहे। एक हैकर ने प्रतापनगर थाने के उप निरीक्षक का मैसेंजर हैक कर मित्र के बैंक खाते में रुपए जमा कराने के लिए रिश्तेदार व परिचितों को संदेश भेजने शुरू कर दिए। उन्होंने थानेदार से सम्पर्क किया तो आइडी हैक होने का पता लगा।
फेसबुक आइडी व मैसेंजर पर वर्दी में प्रोफाइल फोटो लगी होने के बावजूद हैकर ने थानेदार के कई फेसबुक फे्रंड्स को मैसेंजर से संदेश भेजने शुरू कर दिए। पहले तो उसने पूछा कि क्या फोन-पे उपयोग में लेते हो? सामने से हां में जवाब मिलने पर उसने फिर संदेश भेजा कि एक मित्र को 7500 रुपए भेजने हैं। उसने अनिल कुमार नाम से बैंक खाता नम्बर और पेटीएम के लिए आइएफएससी कोड नम्बर भी भेजने शुरू कर दिए।
थानेदार को मित्र के लिए साढ़े सात हजार रुपए मांगने पर रिश्तेदार व परिचितों को संदेह हुआ। उन्होंने कॉल कर जानकारी ली तो थानेदार ने कोई मैसेज करने से साफ मना कर दिया। कई कॉल आने पर उन्हें फेसबुक व मैसेंजर आइडी के हैक होने की भनक लगी। उन्होंने सभी को रुपए न जमा कराने का आग्रह किया। थानेदारी की आइडी अभी तक हैक है। आईडी रिलीज कराने की कोशिश के दौरान हैकर के नोएडा में होने की बात सामने आ रही है।
पत्रिका व्यूह : पहले पुष्टि करें, फिर मदद
सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी की वारदातें बढ़ती ही जा रही है। इनसे सावधानी ही बचा सकती है। आपको भी यदि किसी मित्र के नाम से मदद के लिए राशि जमा करवाने का मैसेज मिले तो पहले संबंधित मित्र से पुष्टि अवश्य करें। कारण कि आमतौर पर जिसे मदद की दरकार है, वह किस मजबूरी में है अपने परिचितों से मदद के लिए सोशल मीडिया का सहारा क्यों लेगा। आपकी सतर्कता धोखाधड़ी से बचाने के साथ किसी परिचित की आईडी हैक होने को उजागर करने में भी मददगार साबित होगी।