
भीतरी शहर में रहने वाले राजेंद्र सोनी ने निजी उपयोग के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी का एक आईफोन 41 हजार रुपए से अधिक में बिल के साथ खरीदा। चार महीने बाद ही मोबाइल हैंग होने लगा, घड़घड़ाहट की आवाजे आने लगी। चलते- चलते बंद होने जैसी कई खराबी उत्पन्न हो गई। खरीददार ने कंपनी के स्थानीय सर्विस सेंटर में मोबाइल की समस्या बताई, दो-तीन दिन बाद सर्विस सेंटर ने मोबाइल ठीक करके वापस दे दिया। कुछ दिनों में मोबाइल में फिर से वही समस्या आने लगी, ऐसा दो-तीन बार हो गया। परेशान होकर उपभोक्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में शिकायत दर्ज करवाई। मोबाइल निर्माता कंपनी बेंगलुरू की एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट के समन का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बीटूएक्स सर्विस सोल्युशन ने की ओर से भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए परिवाद खारिज करने का आग्रह किया। इसी प्रकार लोकल विक्रेता ने कोई जवाब नहीं दिया। जिला उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष चंद्रकला जैन,सदस्य राजाराम सर्राफ तथा अफसाना खान ने परिवाद को स्वीकार करते हुए निर्माता कंपनी तथा सर्विस सेंटर के व्यवहार को अनुचित व्यापार मानते हुए उपभोक्ता को दो माह के भीतर उसी मॉडल का नया मोबाइल देने या मोबाइल की कीमत देने का आदेश दिया।