
न्यायाधीश डा.पुष्पेंद्रसिंह भाटी की एकलपीठ ने मंडी उपज मंडी समिति को याचिकाकर्ताओं को वर्तमान में प्रचलित नीति के अनुसार द्वितीय चरण में भूखंड या दुकान आवंटित करने पर विचार करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें नियमानुसार आवंटन किया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता महेश थानवी ने कहा कि याचिकाकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर है और फल विक्रय का फुटकर व्यवसाय करते हैं। उनकी मुख्य मांग मंडी प्रांगण में पुनर्वास करते हुए स्थान उपलब्ध करवाने की हैं, ताकि वे अपनी आजीविका अर्जित कर सकें। एकलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता दुकान या स्थान आवंटन के अधिकार का दावा कर सकते हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर आई जानकारी से यह साबित नहीं होता कि अब तक हुए आवंटन मनमाने हैं। सुनवाई के दौरान राजकीय अधिवक्ता महेश चंद्र बिश्नोई व कुलदीप बिश्नोई कहा कि अब मंडी प्रांगण में 41 अतिरिक्त भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध है। यदि याचिकाकर्ता उसके लिए आवेदन करते हैं तो प्रचलित नीति के अनुसार उन पर विचार किया जा सकता है।