
जोधपुर. आम जनता के साथ राज्य सरकार भी कोरोना के डर से उभर चुकी है। ढाई महीने बाद राज्य सरकार ने अब फि र से राशन की दुकानों पर गेहूं और चना दाल का वितरण पोस मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन से करने का निर्णय किया है। यह व्यवस्था शुक्रवार से ही लागू हो जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन से राशन वितरण के समय राशन डीलर्स को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) फ ॉलो करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोविड-19 महामारी को देखते हुए खाद्य विभाग ने 18 मार्च को एक आदेश जारी कर राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं को गेहूं का वितरण बायोमेट्रिक सत्यापन से बंद कर मोबाइल ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) से करने के निर्देश दिए थे। कुछ व्यक्तियों के मोबाइल नंबर बदल जाने के कारण उन्हें ऑफ लाइन सहित अन्य तरीकों से भी राशन वितरित किया गया।
सैनिटाइजर का वितरण
प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हो रही बायोमेट्रिक सत्यापन से राशन वितरण व्यवस्था के अंतर्गत सभी राशन डीलर्स को सैनिटाइजर का वितरण किया जा रहा है। राशन डीलर उपभोक्ताओं के हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही बायोमेट्रिक सत्यापन करेंगे। पोस मशीन को भी बार-बार सेनेटाइज करना होगा।
जुलाई महीने का गेहूं आवंटित, अब केवल 5 किलो
राज्य सरकार की ओर से राशन दुकानों पर जुलाई महीने का गेहूं आवंटित किया जा चुका है। अब प्रत्येक उपभोक्ता को पहले की तरह प्रति महीना 5 किलो ही गेहूं दिया जाएगा। बीपीएल, स्टेट बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना से जुड़े लाभार्थियों को 1 रुपए प्रति किलो और खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े अन्य लाभार्थियों को 2 रुपए प्रति किलो गेहूं मिलेगा। गौरतलब है कि राशन दुकानों पर अप्रेल, मई और जून में केंद्र व राज्य सरकारों ने प्रत्येक व्यक्ति को प्रति महीना ५-५ किलो गेहूं फ्री में दिया था।
एसओपी का पालन करेंगे
पांच जून से बायोमेट्रिक सत्यापन से राशन वितरण व्यवस्था फिर से शुरू हो रही है। सभी राशन डीलर्स को एसओपी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
राधेश्याम डेलू, जिला रसद अधिकारी जोधपुर