जोधपुर

दफ्तरों की व्यवस्थाएं हुई बेपटरी, खामियाजा भुगत रहे लोग

फलोदी. जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्वकर्मी, पंचायतीराजकर्मी व मंत्रालयिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर होने से अधिकांश दफ्तर सूने पड़े हैं और व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई है।
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दफ्तरों की व्यवस्थाएं हुई बेपटरी, खामियाजा भुगत रहे लोग

फलोदी. प्रदेश मेें इन दिनों राजस्व सेवा परिषद, पंचायतीराज सेवा परिषद व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के चल रहे आंदोलन के समर्थन में जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्वकर्मी, पंचायतीराजकर्मी व मंत्रालयिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर होने से अधिकांश दफ्तर सूने पड़े हैं और व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई है। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत फलोदी तहसील के समस्त राजस्वकर्मी सामूहिक अवकाश पर हैं। उनका सामूहिक अवकाश गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में परिषद के साथ राज्य सरकार द्वारा २८ अप्रेल को किए गए लिखित समझौते की पालना सुनिश्चित करने की मांग की है। राजस्वकर्मियों के सामूहिक अवाश पर चले जाने से आज भी राजस्व विभाग के काम-काज ठप रहे। जिससे किसानों व आम लोगों के काम-काज नहीं हो पाए।
23वें दिन भी जारी रहा धरना -

राजस्थान पंचायतीराज सेवा परिषद के तत्वावधान में पंचायत समिति मुख्यालय पर शुरू किया गया धरना गुरुवार को 23वें दिन भी जारी रहा। पंचायतीराज के सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चल रहे हें। ऐसे में पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना, पेंशन योजना, नरेगा, श्रमिक कल्याण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीयन के साथ कई कार्य अटके पड़े हैं। जिससे लोगों को काम-काज लिए भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। आज अध्यक्ष माणकलाल पालीवाल, प्रेमरतन दवे, ओमप्रकाश, भूराराम, प्रीतपाल कपूर, अनिल हर्ष आदि धरने पर बैठे। उन्होंने बताया कि संगठन के तीनों घटकों एवं सरकार के बीच ९ बार लिखित समझौते हुए, लेकिन उनकी मांगों का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। ।
छोटे, बड़े सभी बाबू अवकाश पर -

राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर फलोदी के सभी मंत्रालयिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर है तथा वे स्टेट पेरिटी के आधार पर कनिष्ठ सहायकों की ग्रेड पे 3600 रुपए करने, सचिवालय के समान मंत्रालयिक कर्मचारियों को पदोन्नति एवं ग्रेड पे देने, अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारियों के निरस्त किए गए 11 हजार उच्च पदोन्नति के पद स्वीकृत करने, पंचायतीराज विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग के उच्च पदों का आवंटन करने, शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक कर्मचारीयों के पदों की कटौती वापस लेने, राजस्व विभाग में लम्बित डीपीसी की कार्यवाही शीघ्र सम्पन्न करने, कनिष्ठ सहायकों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने, ग्रेड पे 2800 तक अनुसूचि 5 में की गई वेतन कटौती के आदेश तत्काल निरस्त करने सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत है। मंत्रालयिक कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के चलते सभी सरकारी दफ्तरों में काम-काज ठप पड़े हैं। (कासं)

Published on:
05 Oct 2018 01:00 am