जोधपुर

Phalodi Borewell Accident: जिंदगी की जंग हारा 9 साल का मासूम, 39 घंटे बाद बोरवेल से निकाला शव

फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। यहां बोरवेल में गिरे 9 साल के मासूम भोमाराम की मौत हो गई। करीब 39 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया।
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Oct 17, 2026
phalodi borewell accident
मृतक भोमाराम (पत्रिका फोटो)

Jodhpur Phalodi Borewell Accident: फलोदी (नौसर): फलोदी जिले में लोहावट क्षेत्र के नौसर गांव में बोरवेल में गिरे नौ साल के मासूम भोमाराम को आखिरकार बचाया नहीं जा सका। करीब 39 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार अलसुबह 3:25 बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिस मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और बचाव दल लगातार जुटे रहे, उसे बचाने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं।

रात 9 बजे पहुंची NDRF की टीम, 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात

हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी था। शुक्रवार रात करीब नौ बजे अजमेर से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद टीम ने अपने स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया। घटनास्थल पर आरएसी का जाब्ता भी तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद रहे और आसपास के इलाके को ब्लॉक कर दिया गया।

बचाव दल बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति और उसकी मूवमेंट पर नजर रख रहा था। हालांकि, बच्चे के ठीक ऊपर पत्थर आ जाने से कैमरे के जरिए उसकी स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो रहा था। बोरवेल में नमी और पानी की वजह से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ था।

इसी बोरवेल में गिरा था भोमाराम

600 फीट से ज्यादा गहराई में फंसा था मासूम

जानकारी के अनुसार, बोरवेल की गहराई 1050 फीट से अधिक थी और भोमाराम 600 फीट से ज्यादा नीचे फंसा हुआ था। शुक्रवार सुबह कुछ देर ठहराव के बाद बचाव अभियान फिर शुरू किया गया। रेस्क्यू में तेजी लाने के लिए बोरवेल से बच्चों को निकालने में विशेषज्ञ मादाराम को भी देसी जुगाड़ तकनीक के साथ मौके पर बुलाया गया। प्रशासन अन्य उन्नत साधनों की मदद लेने पर भी विचार कर रहा था।

फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे थे। हर कोशिश का मकसद मासूम को सुरक्षित बाहर निकालना था, लेकिन लंबी जद्दोजहद के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।

शव को ले जाने के लिए घटनास्थल पर खड़ी एंबुलेंस और मौजूद लोग

बोरवेल की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में बोरवेल की मशीन खराब हो गई थी। इसके चलते पंप को बाहर निकालकर उसकी मरम्मत की जा रही थी। इसी दौरान पास में खेल रहा पांचाराम का 9 वर्षीय बेटा भोमाराम खुले बोरवेल में गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि भोमाराम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार की उम्मीदें उसी मासूम से जुड़ी थीं।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान की तस्वीर

करीब 39 घंटे तक उसे बाहर निकालने के लिए बचाव दल जुटा रहा, लेकिन अंत में परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। शनिवार अलसुबह 3:25 बजे भोमाराम को बोरवेल से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। शव परिजनों को दिखाने के बाद एंबुलेंस से लोहावट अस्पताल भेजा गया। मासूम की मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

रिपोर्ट- आसुलाल शर्मा, नौसर

Updated on:
17 Oct 2026 09:07 am
Published on:
17 Oct 2026 07:18 am