
गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात जुलाई को जयपुर में प्रस्तावित आमसभा के लिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को जयपुर ले जाने के लिए पूरा सरकारी अमला झौंक दिया गया है। कलक्टर से लेकर पटवारी तक लाभार्थियों को रिझाने में लगे हैं। ग्राम सेवकों और पटवारियों को लाभार्थियों को अटल सेवा केंद्र अथवा पंचायत भवन में इक_ा करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई के डर से सरकारी कर्मचारी लाभार्थियों की मान मनौवल कर रहे हैं। कुछ लाभार्थी ऐसे भी है जिनकी सरकारी योजनाओं की किस्तों का भुगतान अटका हुआ है।
ऐसे लाभार्थियों को कर्मचारी अपनी जेब से भुगतान कर बस में बैठने के लिए तैयार कर रहे हैं। सभी लाभार्थियों के वापस जोधपुर पहुंचने पर ही सरकारी कर्मचारियों की जान में जान आएगी। जोधपुर जिले से केंद्र सरकार की 3 और राज्य सरकार की 9 योजनाओं के 9800 लाभार्थी जयपुर जाएंगे। इनके लिए 250 बसों की व्यवस्था की गई है। परिवहन विभाग ने कुछ प्राइवेट बसों को जब्त किया है। एक बस के जयपुर जाने-आने में 250 लीटर डीजल जलेगा। इस हिसाब से करीब 40 लाख रुपए डीजल पर खर्च होंगे।
सरकार ने बिछाए पलके पावड़े
एसडीएम और बीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। हर बस पर ग्राम सेवक, तहसीलदार या नायब तहसीलदार लगाए गए हैं। दो बसों पर एक समन्वयक भी लगाया है। सभी बसें 7 जुलाई को सुबह 10 बजे जयपुर पहुंचेगी। लाभार्थियों के रात्रि विश्राम और खाने-पीने की व्यवस्था होटल-रेस्टोरेंट में की गई है। इन पर भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बसों के गुजरने का टाइम रिकॉर्ड करने के लिए जोधपुर-जयपुर के बीच एक दर्जन से अधिक चैक पोस्ट बनाई गई हैं।
7 जुलाई को जयपुर रूट परमिट फ्री
सात जुलाई को एक दिन के लिए जयपुर रूट पर किसी भी वाहन की चैकिंग नहीं होगी। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 1988 के 66 (1) के अनुसार व्यवसायिक वाहनों के लिए कांट्रेक्ट या स्टेट कैरेज परमिट लेना आवश्यक है। सामान्यत: परमिट नहीं होने पर 2 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का जुर्माना लगता है। लेकिन एक दिन के लिए किसी वाहन का परमिट चैक नहीं होगा।
कंट्रोल रूम स्थापित
कलेक्ट्रेट में सात जुलाई की व्यवस्थाओं को लेकर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। एडीएम द्वितीय मानाराम पटेल के कक्ष में कंट्रोल रूम से पूरे जिले की व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।
ग्राम सेवक व पंचायत प्रसार अधिकारियों पर तलवार
ग्राम सेवक और पंचायत प्रसार अधिकारी लाभार्थियों के सीधे सम्पर्क में रहते हैं। राज्य सरकार ने इन कर्मचारियों को जिला कलक्टर और जिला परिषद के सीईओ के माध्यम से हिदायत दी है। लक्ष्य के अनुरूप लाभार्थियों को जयपुर भिजवाने में विफल रहने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों को दिए टारगेट
हमनें योजनाओं के अनुरूप सरकारी कार्मिकों को टारगेट दिए हैं, जिनकी पालना उनको सुनिश्चित करनी है। टारगेट में विफल कर्मचारी के विरुद्ध राज्य सरकार के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अविचल चतुर्वेदी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद
सारी व्यवस्थाएं पूरी
सरकार के निर्देशानुसार सारी व्यवस्थाएं कर दी हैं। कंट्रोल रूम स्थापित किया है। लाभार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जोधपुर कलक्टर