
जोधपुर।
मालवीय मानव सेवा समिति की ओर से दाऊ री ढाणी (Dau ri dhani) में राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) के 78 प्लाटून कमाण्डरों को तैराकी (78 platoon commandos got swimming training) के साथ-साथ डूबतों को बचाने का प्रशिक्षण दिया गया। अंतिम दिन प्लाटून कमाण्डरों ने आत्महत्याएं रोकने के लिए कायलाना झील के किनारे बबूल की झाडि़यां डाली और दीवारों पर स्लोगन भी लिखे।
समिति के दाऊलाल मालवीय ने बताया कि आरपीटीसी के उप महानिरीक्षक हरेन्द्र कुमार महावर के निर्देश पर 38 महिला और 40 पुरुष प्लाटून कमाण्डरों को 30 अप्रेल से 25 मई तक तैराकी व डूबतों को बचाने का प्रशिक्षण दिया गया।गोताखोर जितेन्द्र मालवीय, सुनील, दीप शिखा, राघव मालवीय, खुशबू व जया ने कमाण्डरों को प्रशिक्षण दिया। जिसमें तैराकी के अलावा, बाढ़ या अतिवृष्टि के दौरान डूबतों को बचाने, शव खोजने और उन्हें बाहर निकालने के विभिन्न तरीकों की ट्रेनिंग दी गई।
इसके साथ ही महिला व पुरुष प्लाटून कमाण्डरों ने सुसाइड पॉइंट में तब्दील होने की कगार पर पहुंची कायलाना झील के किनारे सामाजिक सरोकार भी निभाए। उन्होंने झील के किनारे बबूल की झाडि़यां डाली। साथ ही विभिन्न दीवारों पर आत्महत्या न करने के प्रति जागरूकता लाने संबंधी स्लोगन भी लिखे। ताकि आत्महत्या करने आने वालों की जान बच सके।
झील में आत्महत्याओं में कमी
दाऊलाल मालवीय ने बताया कि गत वर्ष झील में आए दिन आत्महत्याएं होने लग गईं थी। इनकी रोकथाम के लिए जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से रोकथाम के प्रयास शुरू किए गए थे। फलस्वरूप पिछले साल सात माह में जहां झील से 49 शव बाहर निकाले गए थे और 13 जनों को जीवित बचाया गया था। वहीं, प्रशासन के प्रयासों के बाद सिर्फ तीन जनों के शव झील में मिले हैं।