पुलिस का दावा : सोशल मीडिया पर निर्भर रहेगा चुनाव प्रचार
विकास चौधरी/जोधपुर. दिसम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार पिछली बार की तुलना में काफी भिन्न होगा। प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी रैलियां व प्रचार-प्रसार तो होंगे, लेकिन सोशल मीडिया के जमाने में भोंपू प्रचार नजर आने की संभावना नहीं है। प्रत्याशियों का पूरा जोर सोशल मीडिया के मार्फत प्रचार करने पर रहेगा। राज्य के पुलिस मुख्यालय ने चुनाव निर्वाचन आयोग को इस संबंध में अवगत भी करा दिया है।
फेसबुक, ट्विटर व व्हॉट्सऐप बने प्रचार के माध्यम
वर्तमान दौर संचार क्रांति का है, जहां हर खास व आम व्यक्ति के हाथ में मोबाइल है और इंटरनेट के चलते हर मोबाइल में सोशल मीडिया के सभी माध्यम मौजूद हैं। जिनमें फेसबुक, ट्विटर, व्हॉट्सऐप, टेलीग्राम आदि शामिल हैं। इनसे हर व्यक्ति घर बैठे अंगुलियों पर पल-पल की जानकारी ले रहा है। चुनाव प्रचार में भी इसी पर जोर रहेगा। पुलिस का मानना है कि चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया का अधिक उपयोग होगा।
आईटी विशेषज्ञों की टीमें बनाईं
चुनाव में सफलता के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों से टिकट की दावेदारी करने वाले नेता महीनों पहले ही सोशल मीडिया पर सक्रिय हो चुके हैं। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर अपने-अपने खाते खोल रखे हैं। बकायदा आईटी विशेषज्ञों की टीम लगा रखी है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की खास नजर
पुलिस का दावा है कि चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर खास नजर रखी जा रही है। जोधपुर में अभय पुलिस कमाण्ड सेंटर में खास तकनीक मौजूद है। जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति के मोबाइल में सोशल मीडिया पर चल रही चुनाव संबंधी गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।
चुनाव आयोग को अवगत करा चुके हैं
चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में गत दिनों जोधपुर आने के दौरान अनौपचारिक बातचीत में राज्य पुलिस के एडीजी एनआरके रेड्डी ने कहा कि चुनाव के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया का मुख्य रोल रहेगा। इस बारे में चुनाव आयोग को भी अवगत कराया जा चुका है।