
जोधपुर. जिले में बर्ड फ्लू आशंका वाले क्षेत्रों में वनकर्मियों को १० दिन बीतने के बाद भी बिना पीपीइ किट के मृत पक्षियों को एकत्र करने का समाचार शनिवार को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद आखिरकार वन प्रशासन ने वनकर्मियों को सभी आवश्यक संसाधन व पीपीइ किट मुहैया करवा दिए गए। पिछले दस दिनों से वनकर्मी जान जोखिम में डालकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मृत पक्षियों का निस्तारण व संग्रह कर रेस्क्यू सेंटर पहुंचा रहे थे। पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद वनकर्मियों को सेनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, डस्टबिन, पॉलीथिन बैग्स, पीपीइ किट एवं रेस्क्यू वाहन की बार-बार सफाई के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया करवाए गए।
कौओं के साथ चील, कमेड़ी व कबूतर भी
पक्षियों में अज्ञात बीमारी से जोधपुर शहर सहित जिले के ग्रामीण अंचल में मौत का तांडव शनिवार को भी जारी रहा। जोधपुर शहर के केरू डम्पिंग स्टेशन के पास ६ चील और मोर, सूरसागर बाइपास पर कमेड़ी १, चांदपोल में २, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में १, पावटा आकाशवाणी के पास १, चौहाबो पुलिस स्टेशन के पास १, चौहाबो दूसरी पुलिया १, नांदिया खुर्द १, बावड़ी ४, तिंवरी में ३, कायलाना २, गुड़ा रोड झालामंड में ३, न्यू पाली रोड पर १ मृत कौआ मिला है। जिले के बाप उपखंड के ग्राम सावरागांव से आगे नोख जाने वाले मार्ग पर भी कौए मृत मिलने से क्षेत्रवासी दहशत में नजर आए।
नाम थ्हारो गांव म्हारो ...
बर्ड फ्लू आशंका के चलते पशुपालन विभाग के कंट्रोल रूम के नाम से पूरे प्रदेश में जारी फोन नम्बर दरअसल वनविभाग जोधपुर के वन्यजीव उडऩदस्ता कार्यालय के है। ये नम्बर जारी होने के बाद से पूरे प्रदेश के विभिन्न जगहों से पक्षियों की मौत की सूचना जोधपुर वनविभाग के कंट्रोल रूम में दिए जाने से वनकर्मी परेशान हो रहे है।