
गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. राजभवन की ओर से प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों की 3 दिन की रेण्डम बायोमेट्रिक उपस्थिति मांगने पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की पोल खुल गई। साल भर पहले विवि में लगाई गई अधिकांश बायोमेट्रिक मशीनें बंद पड़ी हैं। कुछ खराब हैं और कुछ मशीन बंक मारने के लिए जानबूझकर बंद कर दी गई हैं। इस कारण विवि ने राजभवन को उपस्थिति ही नहीं भेजी।
राजभवन ने एक साल पहले सभी विवि कार्मिकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीनों से करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जेएनवीयू सहित सभी विवि ने शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के विभागों और कार्यालयों के लिए बायोमेट्रिक मशीनें खरीदी और इंस्टॉल करवाई। एक पखवाड़े पहले राजभवन ने सभी विवि से 16 अगस्त, 4 सितम्बर और 20 सितम्बर की बायोमेट्रिक उपस्थिति मांगी। यह आदेश देख जेएनवीयू प्रशासन ने सभी विभागों से तीन दिन के भीतर उपस्थिति मांगी तब पता चला कि अधिकांश बायोमेट्रिक मशीनें बंद पड़ी है।
जेएनवीयू के अधिकांश विभागों ने हाजिरी रजिस्टर की उपस्थिति भेज दी। कई विभागों ने बताया कि उनकी मशीनें खराब हैं। इसके बारे में विवि प्रशासन को पत्राचार से अवगत करवाने के बाद भी मशीनें दुरुस्त नहीं की गई।
कक्षाओं में नहीं आते शिक्षक
विवि में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए पांच महीने होने को हैं और एक सेमेस्टर समाप्ति की ओर है। लेकिन अधिकांश विषयों की बहुत कम कक्षाएं संचालित हुई है। नियमित कक्षाएं लगाने की मांग को लेकर छात्र नेता प्रदर्शन कर चुके हैं। विवि के छात्र ही नहीं, अधिकांश शिक्षक भी बंक मारते हैं। विवि के डीन व एचओडी स्वयं शिक्षक होते हैं और रोटेशन पर बदलते रहते हैं। ऐसे में वे स्वयं अपने संकाय अथवा विभाग में अनुशासन बनाए रखने में नाकाम साबित रहते हैं। विवि में निरीक्षण की व्यवस्था नहीं होने से वनस्पति विज्ञान विभाग को छोडकऱ अधिकांश विभागों के कमरें व कुर्सियां खाली मिलती है।
ठीक करा रहे हैं मशीनें
‘विवि की खराब हो चुकी बायोमेट्रिक मशीनें खराब है। इनको ठीक कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में बायोमेट्रिक उपस्थिति को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
भंवरसिंह सांदू, रजिस्ट्रार, जेएनवीयू जोधपुर