
जोधपुर. डिजिटल पर बढ़ती निर्भरता के चलते नेट बैंकिंग हो या फिर जरूरी ट्रांजेक्शन, हर काम के लिए लोग मोबाइल को ही चुनते हैं। लोगों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म जितना आसान हुआ है, उतनी ही मुश्किलें भी बढ़ी हैं। इसके चलते जरूरी डाटा चोरी होने से लेकर पर्सनल इन्फॉर्मेशन भी लीक हो रही है। बिना प्रमाणित सोर्स से एप्लीकेशन डाउनलोड करने एवं नेट सर्र्फिंग करने के चलते मोबाइल डाटा पल भर में हैकर चुरा रहे हैं। इसी के चलते आए दिन स्मार्टफोन से डेटा चोरी होने, पैसे उड़ाने की खबरें सामने आती रहती हैं।
अनजान लिंक पर न करें क्लिक
प्राय: सोशल मीडिया पर अनजान लिंक के मैसेज आते रहते हैं। जिस पर सेल, फ्री या अन्य आकर्षक ऑफर की जानकारी दी होती है। इसके लिए एक शॉर्टन लिंक आता है। जिस पर क्लिक करते ही अन्य साइट से स्वत: एप्लीकेशन डाउनलोड हो जाता है। खास बात यह है कि एप इंस्टाल के बाद हिडन रहती है। जिसे यूजर आसानी से मोबाइल में देख नहीं पाता है। ऐसे में उस एप से मोबाइल का एक्सेस हैकर के पास चला जाता है। इसलिए बचाव के लिए ऐसे लिंक पर क्लिक नहीं करें।
प्रमाणिक जगहों से करें डाउनलोड
ग्राफिक्स एक्सपोज के साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल एवं एथिकल हैकर मनीष शर्मा का कहना है कि मोबाइल फोन में कम से कम एप्लिकेशन रखे जाने चाहिए। क्योंकि जब भी आप कोई नया एप्लिकेशन डाउनलोड करते हैं तो वह इंस्टॉलेशन के बाद आई एग्री का ऑप्शन मांगता है। ऐसे आपकी सारी इन्फॉर्मेशन सम्बंधित एप से स्टोर होकर शेयर हो जाती है। इसके लिए जरूरी है कि यूज न होने वाले एप्लिकेशन को क्लीयर डाटा करके अनइंस्टॉल कर देना चाहिए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कोई भी पर्सनल फोटो अपलोड नहीं करें। हर दस से पंद्रह दिन में फै्रंड्स लिस्ट चैक जरूर करें।
इसे भी न करें अनदेखा
- वाट्सएप, फेसबुक पर आने वाली अनजान लिंक, फाइल, म्यूजिक और वीडियो को ओपन न करें।
- किसी भी एप का इस्तेमाल बेहद जरूरी होने और रेटिंग के अनुसार ही करें।
- फोन का पासवर्ड में लगातार बदलाव करते रहें।
- पर्सनल फोटो क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह गूगल पर सेव हो सकती है।
- जरूरी पासवर्ड को मोबाइल में सेव न करें।
-डेटा प्राइवेसी के लिए पीसी में एंटीवायरस एवं फायरवॉल जरूर डालें।
-अनजान साइट से कुछ भी डाउनलोड नहीं करें।