
जोधपुर.
लम्बे अर्से बाद पावटा सर्किल की टै्रफिक सिग्नल लाइटें गुरुवार शाम प्रायोगिक तौर पर शुरू करते ही जाम की स्थिति हो गई। वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लगने लगी और आमजन जाम में फंस गए। आखिरकार फिर से मैन्युअली व्यवस्था करने पर डेढ़ घंटे में यातायात सुचारू हो पाया।
दरअसल, यातायात दबाव अधिक होने की वजह से शहर के कुछ सर्किल पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें बंद कर यातायात पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। जो मैन्युअली यातायात व्यवस्था में लगे हैं। इनमें से एक पावटा सर्किल की ट्रैफिक सिग्नल लाइटें शाम को प्रायोगिक तौर पर फिर से शुरू की गईं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) नाथूसिंह व यातायात निरीक्षक शेषकरण व अन्य अधिकारी सर्किल पहुंचे। कुछ ही देर में सर्किल के पांचों मार्गों पर जाम लगना शुरू हो गया। मण्डोर रोड व सर्किट हाउस के साथ ही सोजती गेट से आने वाले मार्गों पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं। मौसम भी खराब हो चुका था। जाम में फंसकर आमजन परेशान होने लगा।
आखिरकार पुलिस ने यातायात सिग्नल लाइटें फिर से बंद की और दुबारा मैन्युअली व्यवस्था शुरू की गई, लेकिन तब तक यातायात दबाव इतना बढ़ चुका था कि उसे सुचारु होने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लगा।
यातायात दबाव बढऩे के प्रमुख कारण...
- पावटा सर्किल पर पांच तरफ से रास्ते आते हैं। मण्डोर रोड, सर्किट हाउस रोड व सोजती गेट रोड से सबसे अधिक दबाव रहता है।
- निर्माण कार्य के चलते मोहनपुरा पुल बंद है। यातायात राइकाबाग ओवरब्रिज के ऊपर से आ-जा रहा है। पावटा सर्किल पर दबाव बढ़ गया है।
- रोडवेज का बस स्टैण्ड सर्किल के ठीक पास है। रोडवेज बसों को सर्किल से निकलने में कुछ समय लगता है। तब तक सर्किल के अन्य मार्गों पर जाम लग जाता है।