जोधपुर

RAILWAY—-CORONA PROTOCOL से बढ़ाया रेल किराया, ढाई साल बाद भी कम नहीं किया

- बुजुर्गों को दी जाने वाली रियायत भी वापस नहीं लौटाई
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Dec 24, 2022
RAILWAY----CORONA PROTOCOL से बढ़ाया रेल किराया, ढाई साल बाद भी कम नहीं किया
RAILWAY----CORONA PROTOCOL से बढ़ाया रेल किराया, ढाई साल बाद भी कम नहीं किया

जोधपुर।
पहले से ही आसमान छूती मंहगाई से त्रस्त गरीब जनता को सरकार कोई राहत देने के मूड में नहीं है। सरकार ने कोरोना काल में आपात स्थिति को अवसर बनाते हुए ट्रेनों में न्यूनतम किराया दस रुपए से बढ़ाकर तीस रुपए कर दिया था, जो आज ढाई साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी वापस कम नहीं किया है। ना ही रेल किराए में बुजुर्गों को दी जाने वाली छूट वापस बहाल की, समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति का ध्यान रखने के दावा यहां खोखला साबित हो रहा है। सरकार का रुख गरीब व मध्यम वर्ग दोनों के हित में नहीं दिखाई दे रहे है। पहले ही नम्बर वन स्टेशन के दावे करने वाले बड़े-बड़े स्टेशनों के पुनर्निर्माण के लिए तो सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बुजुर्गों को छूट देने की बात पर सरकार रेलवे पर बोझ पड़ने का हवाला दे रही है ।
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पैसेन्जर ट्रेने हो गई स्पेशल और तीन गुना हो गया न्यूनतम किराया

सवारी गाड़ियों को या तो स्पेशल का दर्जा दे दिया और कुछ ट्रेनों को सवारी गाड़ी से एक्सप्रेस बना किराया बढ़ा दिया, जबकि यह ट्रेनें पैसेंजर ट्रेनों की तरह सभी स्टेशनों पर ठहराव करती है। उदाहरण के लिए

पहले मेड़ता रोड-रतनगढ़ सवारी गाड़ी में मेडता रोड से रेण का किराया दस रुपए था, जो अब तीन गुना बढ़कर तीस रुपए हो गया। इसी प्रकार, जोधपुर-हिसार, जोधपुर-रेवाड़ी ट्रेनों में जोधपुर से रेण तीस रुपए किराया था, जो बढ़कर साठ रुपए हो गया ।
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पहले बुजुर्गों को 40 से 50 फीसदी की थी छूट
रेल किराए में किसी भी श्रेणी का टिकट लेने पर बुजुर्ग महिला को 50 फीसदी और बुजुर्ग पुरुष को 40 फीसदी की छूट दी गई थी. इसका लाभ लेने के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु 58 वर्ष और पुरुषों की न्यूनतम आयु 60 वर्ष होनी चाहिए थी ।

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न्यूनतम किराया, जो दो से तीन गुना तक बढ़ गया
कहां से कहां तक---- पहले---- अब (किराया रुपए में)

- जोधपुर - बालोतरा---- 30--- 55
- जोधपुर - रेण-- 30--60

- जयपुर - रेण-- 45---75
- रेण - मेड़ता रोड--- 10-30

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कोविड-19 वैश्विक महामारी का इस्तेमाल इन रियायतों को स्थायी रूप से हटाने के लिए किया गया जिससे गरीब व बुजुर्ग लोगों को बड़ा नुकसान हुआ , सरकार को इन रियायतों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

दीनदयाल बंग , आरटीआई कार्यकर्ता

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Published on:
24 Dec 2022 08:40 pm