
जोधपुर।
जोधपुर मण्डल का मण्डल स्तरीय रेलवे अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखने व उन्हें दवाइयां देने का सिस्टम भले ही ऑनलाइन कर दिया गया हो, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते ऑनलाइन सिस्टम सही प्रकार से नहीं चल रहा है। इसका खमियाजा वहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है और उन्हें समय पर दवाई नहीं मिल पा रही है। इसमें सेवानिवृत रेलकर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक व महिलाएं शामिल है। प्रतिदिन सैँकड़ों की संख्या में मरीज दवा लेने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाते है।
--
पता नहीं चलता, कब आएगा नम्बर
रेलवे अस्पताल में ऑनलाइन सिस्टम से मरीजों को देखने व दवाइयां देने की सुविधा दी गई है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने के बाद मरीज को यह पता नहीं चलता है कि उसे कौनसे दवा काउंटर पर जाना है व दवा लेने के लिए उसका नम्बर कब आएगा। ऐसे में, कैंसर व गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों, महिलाओं, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मजबूरी में लम्बी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
--------------
रेलवे अस्पताल में ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते मरीजों को दवाइयां देने में दिक्कतें आ रही है। दवा काउंटर पर ऑनलाइन सिस्टम पर दक्ष तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही, ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ दवा वितरण के लिए मैन्युअल सिस्टम भी होना चाहिए।
मनोजकुमार परिहार, मण्डल सचिव
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन
------
अस्पताल में सेवानिवृत मरीजों समय पर दवाई मिलनी चाहिए। दवा वितरण व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।
हमने अस्पताल अधीक्षक से इस नई व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
अजय शर्मा, कार्यकारी महामंत्री
उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ
-------------