जोधपुर

राजस्थान की बहू, सेना की शेरनी: प्रेरणा सिंह की कहानी जिसने परंपरा और पराक्रम को जोड़ा

Prerna Singh Inspiring Story: उनकी पहचान सिर्फ एक अफसर के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी राजस्थानी बहू के रूप में भी है, जिसने विवाह, वर्दी और जिम्मेदारी—तीनों को समान सम्मान दिया।
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Updated: 9 May 2025, 7:57 AM IST
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राजस्थान की बहू, सेना की शेरनी

Rajasthan Bahu Army Lieutenant: राजस्थान की धरती पर शेरों की कहानियां आम हैं, लेकिन अब बेटियां भी शेरनी बनकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। ऐसी ही एक कहानी है लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह की, जो जोधपुर से ताल्लुक रखती हैं और आज भारतीय सेना में इंजीनियरिंग कोर में एक गर्वित अधिकारी हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अफसर के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी राजस्थानी बहू के रूप में भी है, जिसने विवाह, वर्दी और जिम्मेदारी—तीनों को समान सम्मान दिया।

सिंदूर नहीं रोका, बल्कि प्रेरणा बना

जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों की बात होती है, तो प्रेरणा सिंह जैसे नाम सामने आते हैं। उन्होंने शादी के बाद भी सेना की वर्दी नहीं उतारी। बल्कि धमोरा गांव की पहली बहू बनीं जो फौज में अफसर हैं। उनके जीवन में सिंदूर सिर्फ परंपरा का नहीं, पराक्रम का भी प्रतीक है।

सैन्य परिवार से आई, देशसेवा खून में

प्रेरणा के दादा और नाना सेना में थे। पिता सेना में रिसालदार रहे और चाचा बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट। ऐसे माहौल में पली-बढ़ी प्रेरणा ने बचपन से वर्दी का सपना देखा और 2011 में पहली बार में ही सेना की परीक्षा पास कर ली। आज वह पुणे में पोस्टेड हैं और सेना में एक सशक्त महिला अधिकारी के रूप में पहचानी जाती हैं।

राजपूती गौरव और आधुनिक सोच की मिसाल

प्रेरणा सिंह अपने घर में पारंपरिक राजपूती पहनावे में रहती हैं, लेकिन जब ड्यूटी की बात आती है तो वर्दी ही उनका गौरव बन जाती है। उन्होंने साबित किया कि महिलाएं सिर्फ घर की ज़िम्मेदारियां नहीं, देश की सीमाएं भी संभाल सकती हैं।

नारी शक्ति का नया अध्याय

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा सिंह जैसी महिलाएं ही नारी सशक्तिकरण की असली पहचान हैं। उन्होंने दिखा दिया कि शादी, परंपरा और करियर को एक साथ जिया जा सकता है। राजस्थान की यह शेरनी हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पंख देना चाहती है।

Updated on:
9 May 2025, 7:57 AM IST
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