
कतार में खड़े ऑटो चालक। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। एलपीजी की किल्लत कुछ हद तक कम हुई है, लेकिन एलपीजी संचालित ऑटो को लेकर इन दिनों अलग ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पहले जहां दिन में 15 से 20 ऑटो चालक एलपीजी भरवाने के लिए भगत की कोठी डीजल शेड स्थित इंडियन ऑयल के कोको पंप पर पहुंचते थे, वहीं अब प्रतिदिन करीब 400 ऑटो यहां पहुंच रहे हैं। अचानक बढ़ी इस भीड़ से पंप पर अव्यवस्था जैसे हालात बन गए हैं और चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पंप पर ऑटो चालकों की डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी, जिसमें 150 से अधिक ऑटो कतार में खड़े थे। एलपीजी भरवाने के लिए एक-एक ऑटो का नंबर डेढ़ से दो घंटे में आ रहा था। कई चालकों ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी उन्हें काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार और सोमवार को केवल दो दिनों में ही 13 हजार किलो एलपीजी की खपत हो गई, जबकि सामान्य दिनों में यह खपत 500 से 1000 किलो के बीच रहती थी।
जोधपुर में एलपीजी का एकमात्र पंप इंडियन ऑयल का भगत की कोठी डीजल शेड स्थित कोको पंप है। पंप से जुड़े जानकारों का कहना है कि अब तक यहां अधिकतर एलपीजी संचालित फोर व्हीलर वाहन ही आते थे, लेकिन मौजूदा हालात में पहली बार ऑटो चालकों की इतनी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मंगलवार को जहां 150 ऑटो लाइन में खड़े थे, वहीं एक भी फोर व्हीलर वाहन कतार में नजर नहीं आया।
तेल-गैस क्षेत्र के जानकारों के अनुसार एलपीजी संकट से पहले शहर में घरेलू गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो जाते थे। बुकिंग के अगले दिन ही सिलेंडर घर पर पहुंच जाते थे, जिसके कारण कई ऑटो चालक सिलेंडर से अवैध रीफिलिंग करते थे। अब 25 दिन का ब्लॉक लगने से सिलेंडर की किल्लत हो गई है। इसके बावजूद अवैध रीफिलिंग के खिलाफ पुलिस की ओर से हाल के दिनों में कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे यह धंधा अभी भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
Published on:
17 Mar 2026 07:08 pm
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