
फाइल फोटो- पत्रिका
बीकानेर। श्रीगंगानगर के दुर्गा मंदिर क्षेत्र में गत 10 फरवरी की रात पुलिस निरीक्षक ज्योति नायक की सड़क दुर्घटना में हुई मौत का मामला अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। इस मामले की जांच अब श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। श्रीगंगानगर से आए एक प्रतिनिधि मंडल ने बीकानेर में पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश से मुलाकात कर घटना से जुड़े कई अहम तथ्य उनके सामने रखे।
प्रतिनिधि मंडल ने ज्योति नायक की मौत को महज हादसा मानने से इनकार करते हुए इसके पीछे साजिश की आशंका जताई। उन्होंने आईजी को बताया कि पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहन जांच जरूरी है। इस पर पुलिस महानिरीक्षक ने मामले का संज्ञान लेते हुए श्रीगंगानगर एसपी को सात दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रतिनिधि मंडल ने निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग भी रखी।
आईजी को सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया कि दुर्घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोप लगाया गया कि ज्योति नायक को कोई व्यक्ति ब्लैकमेल कर रहा था। उस व्यक्ति की पहचान और भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ज्योति के फोन-पे नंबर से एक व्यक्ति के बैंक खाते में लाखों रुपए का लेन-देन हुआ था। इससे पूरे मामले को लेकर और भी संदेह गहरा गया है। प्रतिनिधि मंडल ने इस आर्थिक लेन-देन की जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा आरोप है कि फरवरी माह में इस मामले के जांच अधिकारी ने ज्योति का मोबाइल बीकानेर भिजवाया था। इस दौरान मोबाइल से महत्वपूर्ण चैट और अन्य साक्ष्य हटाए जाने की बात भी सामने आई है। यह भी कहा गया कि इस संबंध में तत्कालीन एसपी और आईजी को पहले ही अवगत कराया गया था, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सभी बिंदुओं की जांच करवाई जाएगी और सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
Updated on:
18 Mar 2026 01:53 pm
Published on:
17 Mar 2026 06:00 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
