
जोधपुर. मेहताब की जबीं पे कदम हमने रख दिए, तुमहो सनमकदे में चरागां किए हुए...। आज की तरक्की के दौर में राजस्थान के बारे में भी कुछ पुरानी दकियानूसी धारणाएं हैं। अब तक जाता रहा है--धरती धोरां री...। इसके उलट जरा खुले दिमाग से देखें तो हमने चांद की सतह पर कदम रख दिए हैं और लोग अब तक पुरानी बातें ले कर बैठे हुए हैं। क्यों कि अब राजस्थान की धरती को भी सिर्फ धोरों की धरती कह कर लोग इसकी आज की हकीकत से रूबरू नहीं होते। उन्हें इस प्रदेश में हुई तरक्की को हर कोण से देखना और समझना होगा।
इस दृष्टिकोण से देखें तो राजस्थान अब शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। यहां हर विषय का विशेषज्ञ है। राजस्थान के विद्वान विदेशों में अपने फन का लोहा मनवा रहे हैं। जोधपुर के प्रोफेसर ओपीएन कल्ला मंगल ग्रह पर वापर वैपर के शोध के निमित्त मेनका यंत्र के कारण मार्स मिशन का हिस्सा रहे तो वैज्ञानिक डॅा. नरेंद्र भंडारी चंद्रयान-2 का हिस्सा हैं। विश्व विज्ञान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोवर्धन मेहता जोधपुर से ताल्लुक रखते हैं। इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस हेग के न्यायाधीश जस्टिस दलबीर भंडारी जोधपुर के हैं। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रहे जस्टिस आर एम लोढ़ा जोधपुर के हैं। आज हर क्षेत्र में राजस्थान के एेसे लोगों की सूची बहुत लंबी है। आज जोधपुर सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन है, जिसे लोग ब्लूसिटी के रूप में जानते हैं और शाही शादी व पार्टी के लिए पसंदीदा जगह है। आज के जोधपुर की बात करें तो आज के युवा हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं। अगर हम केवल जोधपुर की ही बात करें तो जो लोग पहली बार जोधपुर आते हैं, वे यहां की तरक्की और उच्च शिक्षा संस्थान देख कर सुखर्द आश्चर्य करते हैं कि क्या जोधपुर में भी एेसा हो सकता है? जोधपुर का करवड़ तो हायर एजुकेशन हब है। जी हां, एेसी है हमारी धरती। यानी आज का जोधपुर बहुत विकसित और अपेक्षाकृत तरक्की करने वाला शहर है।