जोधपुर

गहलोत के गढ़ में उग्र प्रदर्शन, गौरव यात्रा रथ पर पथराव, CM राजे बोलीं- ‘हम डरने वाले नहीं’

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Aug 26, 2018
vasundhara raje

बालेसर/ सेखाला/ जोधपुर/ ओसियां।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के गढ़ में पहुंचने पर सूबे की सियासत में गर्माहट आ गई। मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक सभाएं करके सरकार के जनकल्याणकारी काम गिनाए। वहीं जाट एवं राजपूत समाज के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने भी प्रदर्शनकारियों को जवाब देते हुए कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चुनाव जीतने की खुली घोषणा की।

दिनभर चला हंगामा
गौरव यात्रा में सुबह से शुरू हुआ हंगामा देर रात तो सभा के अंत तक चलता रहा। यहां तक की रात करीब 9 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला पीपाड़ सिटी में घुसा उपखंड संघर्ष समिति और कांग्रेस कार्यकर्ता गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाते हुए काले झंडे लहराने लगे। अचानक डाक बंगले के पास माहौल खराब हो गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने गौरव रथ पर पथराव शुरू कर दिया। इससे वहां हड़कंप मच गया।

मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से पथराव करने वाले लोगों को पकडऩे के निर्देश दिए लेकिन वह भाग गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। पत्थरबाजी की घटना पर सीएम ने पालिकाध्यक्ष को भी रथ पर बुलाया। पालिकाध्यक्ष ने कहा, हम शर्मिंदा है। गौरव यात्रा के दौरान कई स्थानों पर मुख्यमंत्री का भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

महिला को डराने वाले सभ्य समाज का हिस्सा नहीं: सीएम
उग्र माहौल के बीच मुख्यमंत्री वसुंधरा ने रथ से कार्यकर्ताओं को संबोधन में कहा कि कांग्रेस के एक बड़े नेता के इशारे पर राजस्थान गौरव यात्रा पर पथराव हुआ है। ऐसी हरकतों से हम डरने वाले नहीं हैं। वसुंधरा ने गहलोत का नाम लेकर कहा कि पत्थर फेंकने वाले समझ लें कि जनता ने निर्णय ले लिया है। हार की बौखलाहट में इस तरह का काम वो लोग करते हैं, जिन्होंने प्रदेश के विकास में कोई योगदान नहीं दिया। महिला को डराने का कृत्य करने वाले सभ्य समाज का हिस्सा नहीं हो सकते। वे एक महिला को डराना चाहते है। शायद वो भूल रहे हैं कि नारी शक्ति किसी से डरने वाली नहीं है, राजस्थान के लिए यदि मेरी जान भी चली जाए तो मैं इसे अपनी ख़ुशकिस्मती समझूंगी। मुख्यमंत्री ने रथ से अपने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए उनसे भाजपा जिंदाबाद के नारे लगवाए।

सुरक्षा में सीएम काफिला जोधपुर पहुंचा
उग्र माहौल को कुछ काबू करने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा को सुरक्षा घेरे में लेकर रथ से कार में बैठाया गया। रात 10 बजे उनका काफिला जोधपुर शहर रवाना हो गया। हालात संभालने के लिए मौके पर देर रात तक पुलिस तैनात रही। पुलिस ने अब उग्र प्रदर्शन करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।

राजपूत-जाट समाज ने भी किए प्रदर्शन
दोपहर में ओसियां कस्बे में सीएम के मिलने नहीं आने से नाराज राजपूत समाज के लोगों ने हंगामा किया। दोपहर में कस्बे में निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल के समर्थकों ने भी सीएम के पोस्टर फाड़ दिए। बेनीवाल समर्थकों ने मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले सभा में काले झंडे दिखाने के साथ नारेबाजी भी की। जोधपुर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पूरा दिन मशक्कत करनी पड़ी। कुछ जगहों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।

ओसियां में काले झंडे दिखाए, सराफ की गाड़ी पर पत्थर फेंका
गौरव यात्रा के दौरान बेनीवाल समर्थकों ने ओसियां में सीएम के पोस्टर फाड़े और बावड़ी में हाईवे जाम कर दिया। समर्थकों ने सभा के दौरान काले झंडे दिखा नारेबाजी की। ओसियां से बारा खुर्द जाने के दौरान काफिले पर कुछ युवकों ने पत्थर फेंके। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ की गाड़ी पर पत्थर लगा।

ओसियां कस्बे के गजसिंह शिक्षण संस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का इंतजार कर रहे राजपूत समाज के लोगों को जब यह पता चला कि सीएम उनसे मिले बिना ही चली गईं तो वे सड़कों पर उतर आए। चाड़ी चौराहे पर टायर एवं पोस्टर जलाकर नारेबाजी और हंगामा किया। जिससे काफी देर तक ओसियां-फलोदी हाईवे जाम रहा। आरएसी व पुलिस के जवानों ने हल्का बल प्रयोग किया। वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान बीज निगम अध्यक्ष शम्भूसिंह खेतासर एवं भाजपा नेता त्रिभुवनसिंह भाटी ने भी मौके पर पहुंच समझाइश कर मामला शांत करवाया।

सीएम से करना चाहते थे चर्चा
राजपूत समाज के बड़ी संख्या में लोग शनिवार सुबह से ही गजसिंह शिक्षण संस्थान में एकत्रित हो गए थे। ये लोग चतुरसिंह हत्याकांड, आनंदपाल एवं ओसियां के सामराऊ आगजनी व लूटपाट कांड के मामले में कोताही बरतने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने व स्थानीय विधायक की सामराऊ प्रकरण में भूमिका को लेकर सीएम से चर्चा करना चाहते थे। समाज के लोगों ने वापस परिसर में एकत्रित होकर बैठक की। बैठक में समाज के वरिष्ठजन ने भाजपा का बहिष्कार करने का निर्णय किया। राजपूत सभा ओसियां सचिव पदमसिंह ने कहा कि आगामी चुनावों में समाज भाजपा का बहिष्कार करेगा।

सरकारी कार्यशैली विरोध का कारण
निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने बयान में कहा कि भाजपा सरकार का यह कार्यकाल भ्रष्टाचार और लूट-खसोट का रहा है। जनता के कोई काम नहीं हुए। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा का युवा और किसान विरोध कर रहे हैं। इनके विरोध का तरीका लोकतांत्रिक था, फिर भी पुलिस युवाओं को पीटा है। इस पुलिस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वैसे भी अब सरकार के पास कमय सयम है। ऐसे में किसानों को सम्पूर्ण कर्ज माफी, कृषि के लिए मुफ्त बिजली, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और टोल मुक्त राजस्थान करने का एलान नहीं किया तो विरोध का सामना आगे भी करना पड़ेगा। गिरफ्तार युवाओं को रिहा नहीं किया गया तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा।

चार साल में राजस्थान का चप्पा-चप्पा छान मारा
सेखाला में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से यात्राएं सतत चल रही हैं। पहले 'सरकार आपके द्वार' फिर 'जन संवाद' और अब गौरव यात्रा के जरिए राजस्थान का चप्पा-चप्पा छान लिया। विधायक ने शेरगढ़ के लिए जब भी पेयजल योजनाओं की मांग की, उन्होंने स्वीकृति दी है। सेखाला में सभा दो घंटे देरी से शुरू हुई। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी. सतीश, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ समेत अनेक नेता मौजूद थे।

लोकार्पण पट्टिका पर शेखावत का नाम नहीं
सीएम ने नवनिर्मित सेखाला पंचायत समिति भवन का लोकार्पण किया। लोकार्पण पट्टिका पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत का नाम नहीं था। सीएम से सिर्फ फीता कटवाया गया। उनसे पट्टिका का लोकार्पण नहीं कराया गया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह आज रक्षाबंधन मना रही हैं। वह अपने लोगों के बीच आई हैं।

Updated on:
26 Aug 2018 07:37 am
Published on:
26 Aug 2018 06:49 am