फलोदी में देर शाम मौसम बदला और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे यहां का मौसम खुशगवार हो गया।
फलोदी। मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। इसके असर से पूर्वी राजस्थान में आगामी 48 घंटों के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश व कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि बीकानेर, अजमेर, नागौर, पाली, सिरोही, सीकर, गंगानगर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और जयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
वहीं दूसरी तरफ फलोदी में देर शाम मौसम बदला और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। जिससे यहां का मौसम खुशगवार हो गया। देर रात समाचार लिखे जाने तक रूक रूक कर बारिश का दौर जारी था। शुक्रवार को दिन की शुरूआत में आकाश साफ रहा। जिससे दिनभर उमसभरी गर्मी का दौर शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। शाम को अचानक से मौसम बदला और आंधी का दौर शुरू हुआ, जिसके बाद बारिश शुरू हुई जो देर रात तक रूक रूक कर जारी रही। बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। जो काफी देर बाद बहाल हुई, तब तक शहर अंधेरे में रहा।
तीन दिनों से लगातार उमसभरी गर्मी से परेशान खीचन के बाशिंदों को शुक्रवार को सोमवार हुई बारिश से राहत मिली। बरसात से सड़कों पर पानी जमा हो गया और लोगों को आवागमन में दुविधा हुई, लेकिन बारिश से हर किसी के चेहरे पर खुशी ला दी। लोहावट कस्बे में शुक्रवार को दिनभर उमसभरी गर्मी रहने के बाद रात को इन्द्रदेव की हुई मेहरबानी से अच्छी बारिश हुई। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। यहां सुबह से ही गर्मी के तेवर रहें तथा दोपहर में आसमान भी साफ रहा। इस बीच बढ़ी उमस से लोगों के हाल-बेहाल रहें। रात को करीब आठ बजे आसमान में घनघोर घटाएं छाई और हल्की आंधी के साथ साढ़े आठ बजे बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
रूदिया में बारिश से ढहा गरीब किसान का आशियाना
भोपालगढ़। उपखण्ड क्षेत्र के रूदिया गांव में बीते दिनों हुई तूफानी बारिश के दौरान एक गरीब किसान लुंबाराम पुत्र किस्तुरराम मेघवाल का रहवासी आशियाना ही ढह गया और पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहकर आंसू बहाने मजबूर हो गया है, लेकिन इस परिवार को अभी तक भी किसी प्रकार की कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाई है। वार्डपंच गिरधारीराम मेघवाल ने बताया कि मंगलवार को बारिश में गरीब किसान का बना-बनाया आशियाना ढह गया और मकान के एक हिस्से की छत पूरी गिर गई। इससे पीड़ित परिवार अब घर से बाहर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक पीड़ित परिवार की किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी ने कोई सुध नहीं ली है और स्थानीय ग्रामीणों ने भी स्थानीय प्रशासन व सरकार से पीड़ित परिवार को तुरंत सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है।