गुरमीत राम-रहीम को सजा सुनाने के बाद पंचकुला में उपद्रव मच गया था। आसाराम को सजा मिलने के बाद जोधपुर में एेसा कुछ नहीं हुआ।
जोधपुर.डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम-रहीम को सजा पर पंचकूला में उपद्रव और हिंसा के बाद जोधपुर की पुलिस बहुत आशंकित थी। इसके उलट नाबालिग से यौन दुराचार के आरोपी आसाराम मामले में बुधवार को निर्णय का दिन होने के कारण कडे़ सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
जोधपुर पुलिस के पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त के कारण शहर में शंाति रही और पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में कडे़ सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
पुलिस के सुरक्षा बंदोबस्त के कारण रही शांति
न्यायालय के फैसले के बाद आसाराम समर्थकों उपद्रव-हंगामा करने की आशंका के मद्देनजर पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। किसी तरह का उत्पात मचाने वाले लोगों को पकड़ कर रखने के लिए शहर के बरकतुल्लाह खां स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाया गया था। इसलिए स्टेडियम पर सुबह से ही पुलिस थानाधिकारी आनंदसिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात था। इनमें पुलिस के १० जवान व १० स्पेशल टास्क फोर्स के जवान शामिल थे। स्टेडियम में सुबह से आसाराम मामले में निर्णय आने तक माहौल शांतिपूर्ण रहा।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस, सुचारू चला यातायात
आसाराम मामले व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण सरदारपुरा पांचवीं रोड, बारहवीं रोड, पाल रोड, अशोक उद्यान और डीपीएस चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में शांति रही। यातायात सुचारू रूप से संचालित हो रहा था। पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे। आसाराम मामले के निर्णय का शहर पर कहीं असर नहीं दिखा।
पाल आश्रम पहुंचे समर्थक को पुलिस ने पकड़ा
पाल स्थित आसाराम के आश्रम के बाहर भी कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था थी। सुबह करीब 9 बजे आसाराम के दर्शन के लिए आए एक समर्थक को आते ही पुलिस ने पकड़ लिया और पूछताछ के लिए ले गई। समर्थक ने पूछने पर उसने अपना नाम भगवान भानुराम जाधव बताया, जो महाराष्ट्र के खेड़ी गांव से आसाराम के दर्शन के लिए आया था। जब उससे आसाराम मामले के निर्णय के बारे में पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि उसे जानकारी नहीं थी और ना ही कोई मैसेज मिला। इसलिए वह आसाराम के दर्शन के लिए आ गया। वही थोड़ी देर बाद, एक और समर्थक आश्रम की तरफ आया, लेकिन वह दूर से वहां खड़ी पुलिस को देखते ही वहां से खिसक गया।