
जोधपुर। जैसलमेर रोड पर गेलावास गांव की नाडी में शुक्रवार दोपहर नहाने के दौरान जातरुओं के चार बच्चे डूब गए। महिलाओं के बाहर निकलने पर बच्चे नहीं मिले तो पुरुषों ने तलाश कर नाडी के बीचों-बीच गड्डे से बाहर निकाला और चारों को मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर आए, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो गई। झंवर थाना पुलिस ने कार्रवाई के बाद शव परिजन को सुपुर्द किए।
थानाधिकारी शेषकरण के अनुसार मध्यप्रदेश में नीमच व मंदसौर के साठ-सत्तर जातरुओं का जत्था मसूरिया में बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन करने के बाद दोपहर में रामदेवरा के लिए रवाना हुआ। दो चार पहिया वाहन और अनेक मोटरसाइकिलों पर महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। सभी दोपहर करीब दो बजे जैसलमेर रोड पर मेघलासिया के पास गेलावास गांव पहुंचे, जहां नाडी में पानी देख सभी नहाने उतर गए।
पहले महिलाएं व बच्चे नहाने लगे। महिलाएं नहाकर बाहर निकली तो चार बच्चे नजर नहीं आए। पानी में होने की आशंका पर पुरुषों ने तलाश शुरू की। कुछ ही देर की मशक्कत में चारों बच्चे नाडी के बीच गड्डे में डूबे मिल गए।
बेहोशी की हालत में उन्हें बाहर निकाला और आनन-फानन में सभी लोग चारों बच्चों को लेकर मथुरादास अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंच, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे का पता लगने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजन की शिकायत पर मर्ग दर्ज कर चारों का पोस्टमार्टम कराया। फिर शव परिजन को सुपुर्द कर दिया गया।
मृतक बच्चों की पहचान नीमच में एकता कॉलोनी निवासी दिव्या (8) पुत्री धर्म सिंह सिकलीघर, समर (7) पुत्र शर्मसिंह सिकलीघर, उसकी बहन मीनाक्षी (8) और मंदसौर में सीतामंड निवासी युवराज (6) पुत्र बबलू सिकलीघर के रूप में हुई।
पूरी नाड़ी में घुटने तक पानी
जातरुओं ने बताया कि गांव के साठ-सत्तर महिलाएं व पुरुष 29 अगस्त को रामदेवरा के लिए रवाना हुए थे। वे हमेशा दर्शन के लिए रामदेवरा आते हैं।सुबह सभी झालामण्ड चौराहा पहुंचे थे, जहां रिश्तेदार से मिलने के बाद मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर आए। दर्शन के बाद दोपहर में रामदेवरा के लिए रवाना हो गए थे। नाडी में घुटने तक ही पानी था, लेकिन एक जगह गड्डा होने से पानी गहरा था। जिसमें चारों बच्चे डूब गए।