जोधपुर

एम्स में चिकित्सकों की भर्ती ऊंट के मुंह में जीरे के समान

- 5 वीं भर्ती के बाद भी चिकित्सकों का टोटा
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Mar 20, 2018
Recruitment of doctors in AIIMS in the mouth of the camel is equal to

- एम्स में नई भर्ती से 31 विभागों में मिलेंगे नए फैकल्टीज
- मरीजों की ओपीडी भी 2 हजार से पार

बासनी (जोधपुर). अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में इस साल 121 चिकित्सकों की नई भर्ती होगी। इससे 31 विभागों में फैकल्टीज की संख्या बढ जाएगी। उसके बाद भी मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए ये संख्या ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही है।

एम्स जोधपुर में 2012 के बाद यह 5 वीं भर्ती है। इसमें अलग अलग विभागों में कुल नए फैकल्टीज की संख्या 100 से ज्यादा एक साथ बढेगी। वर्तमान में यहां 150 चिकित्सकों की सेवाएं ओपीडी में मिल रही है। नई भर्ती के बाद यह संख्या बढकर 271 हो जाएगी।

हालांकि ओपीडी भी पिछले साल की तुलना में बढकर औसतन रोजाना 2200 मरीजों तक पहुंच गई है। इसमें नए और फॉलोअप दोनों तरह के मरीज शामिल हैं। जनरल मेडिसिन, शिशुरोग विभाग, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में मरीजों को 5-6 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है।



12 बजे के बाद नहीं होता मरीजों का पंजीयन

ओपीडी में बढते मरीज और चिकित्सकों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एम्स में पंजीयन कराने का समय भी दो घंटे कम कर सुबह 8 से 12 बजे कर दिया है। इससे पहले नए मरीजों का पंजीयन 2 बजे तक होता था। अभी 12 बजे के बाद मरीज की ओपीडी परची नहीं बनती है।

वहीं अधिकतर विभागों की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। ऐसे में जैसलमेर , बाड़मेर और अन्य दूसरे शहरों ,गांवों से आने वाले मरीजों को एक दिन यहां रूक कर अगले दिन ओपीडी में नंबर लगाना पड़ता है।


फैक्ट फाइल

फैकल्टीज संख्या
प्रोफेसर 28
एडिशनल प्रोफेसर 24
एसोसिएट प्रोफेसर 45
असिस्टेंट प्रोफेसर 24
कुल 121

मरीजों की ओपीडी
नए मरीज- 1200
पुराने मरीज- 1000


फैकल्टीज बढाएंगे

अभी 12 बजे के बाद मरीज की ओपीडी परची नहीं बनती है। 3-4 बजे तक चिकित्सक ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। फैकल्टीज की भर्ती और बढाने से ओपीडी में चिकित्सकों की सेवाओं में इजाफा होगा। - डॉ. अरविन्द सिन्हा, अस्पताल अधीक्षक, एम्स।

Published on:
20 Mar 2018 10:00 pm