
जोधपुर
पश्चिमी राजस्थान का एकमात्र सिंथेटिक ट्रेक शाला क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में तैयार तो कर दिया गया लेकिन तकनीकी खामियों के कारण इसकी उपयोगिता सिद्ध नहीं हो पाई। ट्रेक के साथ वॉकिंग पाथ भी बना दिया गया। इस कारण ट्रेक आमजन के लिए वॉकिंग पाथ बन गया था। इससे एथलीट सिंथेटिक ट्रेक पर नियमित रूप से अभ्यास नहीं कर पा रहे थे। आखिर शाला क्रीड़ा संगम विकास समिति के चेयरमैन के संज्ञान में लाने के बाद अब खिलाडिय़ों के हित मे 7.50 रुपए की लागत से सिंथेटिक ट्रेक व वॉकिंग पाथ के बीच रेलिंग लगाने का कार्य कराया जा रहा है। यह राशि शाला क्रीड़ा संगम विकास कोष से खर्च की जा रही है। राजस्थान पत्रिका ने सिंथेटिक ट्रेक व वॉकिंग पाथ साथ होने, इनके बीच रेलिंग नहीं होने व खिलाडिय़ों को प्रेक्टिस में हो रही दुविधा का मुद्दा उठाया था।
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खिलाडिय़ों को होती थी दुविधा
ट्रेक व वॉकिंग पाथ साथ-साथ होने से व बीच मे फेंसिंग नहीं होने के कारण आमजन ट्रेक पर वॉक करते थे। इससे एथलीट्स को ट्रेक पर प्रेक्टिस करने में दुविधा होती थी। खिलाडिय़ों को अब इस समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही ट्र्रेक पर ट्रेक व फ ील्ड इवेंट्स के एथलीट ही जा सकेंगे व अभ्यास कर सकेंगे।
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पूर्व में हो चुके है हादसे
गौशाला मैदान में विभिन्न खेल आयोजनों पर पश्चिमी राजस्थान सहित पूरे प्रदेश व विभिन्न राज्यों के स्कूली खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आते है। पूर्व में सिंथेटिक ट्रेक व फील्ड पर प्रतियोगिताओं के दौरान दर्शक ट्रेक व फु टबॉल मैदान पर चले जाते थे। जिससे खेल के दौरान कई हादसे हो चुके है। दर्शकों के साथ अन्य खेलों के खिलाड़ी हादसे का शिकार हो चुके है।
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अब भी ट्रेक का पूर्ण स्वरूप आना बाकी
ट्रेक बने 4 साल बीत चुके है लेकिन फ ील्ड इवेंट लांग जम्प, ट्रिपल जम्प के पिट व रनवे बनकर तैयार नहीं हुए है। जो ट्रेक को अधूरा साबित करते है। ट्रेक-फ ील्ड की सभी इवेंट्स टे्रक के अंदर ही हो, तभी अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रेक माना जाता है व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं कराई जा सकती है।
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उपकरणों की भी जरुरत
अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट तैयार करने के लिए गौशाला मैदान में उपकरणों की भी जरुरत है। ट्रेक पर हर्डल्स, जेवलिन थ्रो, गोला व तश्तरी फेंक के उपकरण, पोलवाल्ट, हाई जम्प के गद्दे सहित कई खेलों के उपकरणों की जरुरत है।
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ट्रेक के निर्माण कार्य के दौरान कुल खर्च राशि में शाला क्रीड़ा संगम विकास कोष के हिस्से की कुछ राशि बच गई थी, जो हम जेडीए से मांग रहे है, लेकिन जेडीए की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सुमित्रा पंवार, कार्यवाहक उपजिला शिक्षा अधिकारी
जोधपुर
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सिंथेटिक ट्रेक व वॉकिंग पाथ कभी पास-पास नहीं होते है। ट्रेक व पाथ के बीच रेलिंग होने से यहां प्रतियोगिताओं के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से निजात मिलेगी। एथलीट्स निर्बाध रूप से अभ्यास कर सकेंगे।
हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ
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