
जोधपुर।
रेलवे की ओर से मोहनपुरा पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत कार्य करवाया गया लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती की गई। मोहनपुरा पुलिए पर रेलवे पटरियों के ऊ पर गार्डर व सड़क का हिस्सा गिरने के कगार पर आ गया था, इस पर रेलवे ने रेलिंग व टिन शेड लगाकर मरम्मत कार्य के नाम पर खानापूर्ति कर ली। करीब एक माह तक मोहनपुरा पुलिए पर आवागमन बंद रखने के बाद अब शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी भी भारी वाहनों के प्रवेश निषेध रखा गया है।
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और एक साल नहीं मिलेगा नया ओवरब्रिज
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर के सबसे पुराने रेलवे ओवरब्रिज की जगह अब नया ओवरब्रिज ही समाधान है। रेलवे की धीमी कार्यप्रणाली को देखते हुए शहर के लोगों को अभी करीब एक साल और नए मोहनपुरा पुलिए का इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे अगर निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू करेगा तो डीपीआर बनाने, टेण्डर निकालने, वर्क ऑर्डर होने, कार्य शुरू होने में ही करीब 6-7 माह लग जाएंगे। हाल यह है रेलवे की ओर से पीडब्ल्यूडी को प्रस्तावित कार्य की डीपीआर भी नहीं दी गई है।
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जीरो स्पीड के लिए बनाए ब्रेकर हटाए
मोहनपुरा पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद करीब एक माह तक बंद रहा और यहां जीरो स्पीड और भारी वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई है। लेकिन यह भी पुलिए की मरम्मत की स्थाई व्यवस्था नहीं है। पुलिए पर स्पीड नियंत्रित करने के लिए करीब पांच स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे जो कुछ हटा दिए और कुछ हटाए जा रहे है।
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पीडब्ल्यूडी ने किया सिर्फ सहायक कार्य
पुलिए की स्थाई मरम्मत का कार्य रेलवे को करना है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सिर्फ सहायक कार्य ही किया गया गया है। इसमें स्पीड नियंत्रित करने और दोनों ओर हाइट बेरियर लगाए गए है। जिससे कि भारी वाहनों का प्रवेश रोका जा सके।
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इनका कहना
हमने जीरो स्पीड के लिए यह स्पीड ब्रेकर और हाइट बेरियर लगाए हैं। इसका स्थाई कार्य रेलवे को ही करवाना है। रेलवे की ओर से अभी प्रस्तावित कार्य की डीपीआर हमें नहीं मिली है।
राजकुमार माथुर
अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग जोधपुर
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रेलवे की ओर से टैम्पररी कार्य करवाया गया है। अब टेण्डर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही पुलिए के प्रस्तावित कार्य को किया जाएगा।
अभय शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर