
जोधपुर.
शहर में मानसून की दस्तक के साथ ही शहर की सडक़ें उखडऩे लगी हैं। कहीं बारिश का पानी भरने से बड़े-बड़े गड्ढे तो कहीं डामर का कटाव देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि जोधपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने मानसून से पहले ही कई सडक़ों पर डामर बिछाया था, लेकिन उसकी भी हालत अब खस्ता है।
यहां खराब है हालात
- जालोरी गेट रोड सर प्रताप स्कूल के बाहर।
- जालोरी गेट मुख्य मार्ग।
- नागौरी गेट से विजय चौक जाने वाली सडक़।
- रेलवे स्टेडियम के समीप जेडीए कार्यालय रोड।
- न्यू नागौर रोड।
- कीर्ति नगर।
- सागर नगर की कई गलियां।
१५ दिन में ही उखड़ गई
पावटा मानजी का हत्था क्षेत्र में करीब १५ दिन पहले ही सडक़ पर डामरीकरण कर तैयार किया गया था। विधायक को दिए गए १५ किलोमीटर सडक़ बनाने के अधिकार के तहत यह निर्माण नगर निगम के जरिये हुआ, लेकिन मानसून की दस्तक के साथ ही यहां पानी भराव होने लगा और डामरीकरण जवाब देने लग गया।
जेडीए ने खर्च किए डेढ़ करोड़
मानसून से ठीक पहले जेडीए की करीब डेढ़ करोड़ लागत की सडक़ें बनकर तैयार हुई हैं। इनमें मंडोर क्षेत्र में ५४ लाख, बनाड़ क्षेत्र में ३५ लाख और भदवासिया-पावटा क्षेत्र में करीब ७० लाख की सडक़ों का शिलान्यास पिछले एक माह में ही हुआ है। इसी प्रकार निगम ने भी पावटा क्षेत्र में नई सडक़ बनाई और कई मुख्य सडक़ों पर पेचवर्क किया। इन पर भी ४५ लाख पूरे शहर में खर्च किए गए।
क्या कहते हैं शहरवासी
सर प्रताप स्कूल के बाहर जो सडक़ है, वह लम्बे समय से क्षतिग्रस्त है। यहां कई हादसे हो जाते हैं। कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। इसका समाधान होना चाहिए।
- राकेश बंसल, शहरवासी
मुख्य चौराहे के समीप टूटी सडक़ हादसे को बुलावा देती है। हादसे का हमेशा डर रहता है।
- युसूफ खान, शहरवासी
इनका कहना है
शहर का बाहरी क्षेत्र हमारे अधीन हैं। वहां पहले से ही हमने वार्षिक सडक़ मरम्मत के टेंडर लगा रखे हैं। बारिश के बाद उनको सुधारेंगे। वैसे जहां ज्यादा सडक़ टूटती है, वहां हमने सीसी सडक़ बना दी है।
- दुर्गेश बिस्सा, आयुक्त, जोधपुर विकास प्राधिकरण
हमने जोनवार मानसून बाद सडक़ों की मरम्मत करने के टैंडर निकाले हैं। अभी बारिश का मौसम है। मानसून के बाद जरूरत के हिसाब से सडक़ मरम्मत करवाएंगे।
- सम्पत मेघवाल, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम जोधपुर