
फलोदी (जोधपुर). राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर पूर्व में हुए समझौते को क्रियान्वित करने की मांग को लेकर फलोदी डिपो के कर्मचारियों द्वारा आगार वर्कशॉप के समक्ष शुरू किया गया धरना चौथे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। चक्काजाम हड़ताल के चलते मंगलवार को लगातार दूसरे दिन में फलोदी आगार की बसों के पहिए थमे रहे।
एटक अध्यक्ष सुखराम चौधरी, सीटू महासचिव मदनगोपाल विश्नोई, सचिव सहीराम विश्नोई, चैनाराम सहित कई कर्मचारियों ने धरने में भागीदारी अदा की तथा धरने के दौरान राज्य सरकार को भेजे ज्ञापन में रोडवेज कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों के समान सातवां वेतनमान, वेतन, भत्ते व पेंशन देने, रिक्त पदों को भरने, नई बसें चलाने, बकाया पेंशन एवं अन्य भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों पर 27 जुलाई को हुए समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की है।
रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल के चलते आज लगातार दूसरे दिन भी सभी बसें वर्कशॉप में खड़ी रही। जिससे यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में यात्रा करनी पड़ी।
गौरतलब है कि रोडवेज के फलोदी आगार द्वारा रोजाना 59 शैड्यूल्स संचालित किए जाते हैं और इनसे निगम को करीब 5 लाख के राजस्व की आय होती है, लेकिन रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल के कारण निगम को राजस्व से और यात्रियों को बस सुविधा से वंचित रहना पड़ा।
निजी बसों की हो रही चांदी
रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल के कारण निजी बसों में यात्रीभार एकाएक बढ़ गया है। लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि फलोदी से गुजरने वाली अधिकांश निजी बसों में 20-30 किमी की दूरी वाले स्टेशनों के यात्रियों को नहीं चढ़ाया जा रहा है और केवल जोधुपर, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर तक की लंबी दूरी तक सफर करने वाले यात्रियों को ही बस में बिठाया जा रहा है। इससे उन्हें आस-पास के गावों तक आने जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।